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गुरुवार, 16 सितंबर 2010

“बहुत ही कष्ट होता है।” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

“एक पुराना गीत”

कोई जब फूल बनकर शूल सा सीने में गड़ता है,
बहुत ही कष्ट होता है। 
कोई जब नाम से अपने किसी के गीत पढ़ता है,
बहुत ही कष्ट होता है।


जिसे बचपन से पाला है पिला करके लहू अपना,
वही लख्तेजिगर जब बाप से जी भर के लड़ता है,
बहुत ही कष्ट होता है।


हमेशा जीत का सेहरा सजाया शीश पर अपने,
जो अपनी हार को सहयोगियों के सिर पे मढ़ता है, 
बहुत ही कष्ट होता है।


मिली जब मुफ्त की दौलत, उड़ाई मौज जी भरकर,
मगर अपनी कमाई को जो दाँतों से पकड़ता है, 
बहुत ही कष्ट होता है।


हुआ बलवान से जब सामना तो बँध गई घिग्घी,
मगर कमजोर के आगे घमण्डी सा अकड़ता है,
बहुत ही कष्ट होता है।

19 टिप्‍पणियां:

  1. जी बिल्कुल सही कहा आपने………………आज के हालात का सजीव चित्रण कर दिया।

    उत्तर देंहटाएं
  2. व्यक्ति को तरीक़े से पहचानने की कोशिश नज़र आती है। पूरी रचना में कई ऐसी बातें हैं जो दिल में घर कर गई हैं।

    बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

    अलाउद्दीन के शासनकाल में सस्‍ता भारत-१, राजभाषा हिन्दी पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपने बहुत सुन्दरता से आज के हालात का सजीव चित्रण किया है और बिल्कुल सठिक कहा है! शानदार प्रस्तुती!
    उम्मीद करती हूँ की अभी नेट ठीक तरह चल रहा है! अब क्या किया जाए नेट कभी स्लो रहता है तो कभी काम करने में दिक्कत होती है! आपकी टिपण्णी मिलने पर ख़ुशी हुई!

    उत्तर देंहटाएं
  4. इन बातों से सभी को कष्ट होता है. लेकिन अधिकतर लोग समझने की कोशिश ही नहीं करते...

    उत्तर देंहटाएं
  5. आदरणीय डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी
    प्रणाम !
    एक और श्रेष्ठ रचना के लिए आभार !
    बधाई !!

    जिसे बचपन से पाला है पिला करके लहू अपना,
    वही लख्तेजिगर जब बाप से जी भर के लड़ता है,
    बहुत ही कष्ट होता है …


    पूरी की पूरी रचना महत्वपूर्ण है ।

    शुभकामनाओं सहित …
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    उत्तर देंहटाएं
  6. doktr roppji bhut bhut achche andaaz men zindgi ki hqiqt jo hr shkhs pr bitti he ksht ke vqt kaa aapne chitrn kiya he bdhayi ho. akhtar khan akela kota rajsthan

    उत्तर देंहटाएं

  7. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

    उत्तर देंहटाएं
  8. सत्य वचन..कष्ट तो होता है.

    उत्तर देंहटाएं
  9. कष्ट होने के सारे ही कारण वाजिब हैं !

    उत्तर देंहटाएं

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