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बुधवार, 4 जनवरी 2012

"अपना ज़िग़र हमसे दिखाया नहीं जाता" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

प्यार दिल में है मगर हमसे जताया नहीं जाता
चीर कर अपना ज़िग़र हमसे दिखाया नहीं जाता

खूबसूरत है मगर है बड़ी ज़ालिम दुनिया
साफगोई से कोई रिश्ता निभाया नहीं जाता

सामने है मिरे पकवान से भरी थाली
बिन तुम्हारे तो कोई कौर भी खाया नहीं जाता

जफा के बदले में हमने वफा हमेशा की
किन्तु पत्थर को कभी मोम बनाया नहीं जाता

रूप दिखाओ तो सही रस्म निभाओ तो सही
बिन इबादत के कभी मोक्ष को पाया नहीं जाता

24 टिप्‍पणियां:

  1. नव-वर्ष की मंगल कामनाएं ||

    धनबाद में हाजिर हूँ --

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह...बहुत सुन्दर.
    दाद कबूल करें सर.

    उत्तर देंहटाएं
  3. “रूप” दिखाओ तो सही रस्म निभाओ तो सही
    बिन इबादत के कभी मोक्ष को पाया नहीं जाता

    वाह वाह शास्त्री जी
    बस वाह वाह वाह.

    प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत आभार जी.

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्यार दिल में है मगर हमसे जताया नहीं जाता
    चीर कर अपना ज़िग़र हमसे दिखाया नहीं जाता
    bahut sundar likha hai sir....

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह!
    वाह वाह!!
    वाह वाह वाह!!!!!!बहुत सुंदर बेहतरीन रचना
    वाह वाह!!
    वाह!

    उत्तर देंहटाएं
  6. बिन इबादत के कभी मोक्ष को पाया नहीं जाता वाह !!!! बहुत खूब लिखा है आपने समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है

    उत्तर देंहटाएं
  7. “रूप” दिखाओ तो सही रस्म निभाओ तो सही
    बिन इबादत के कभी मोक्ष को पाया नहीं जाता,

    . . .वाह ! ! बहुत खूब.

    उत्तर देंहटाएं
  8. बड़े ही सरल भाव से बता दी गयीं गहन बातें।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बिन इबादत के कभी मोक्ष को पाया नहीं जाता
    वाह !!! बहुत खूब...

    उत्तर देंहटाएं
  10. वैचारिक ताजगी लिए हुए रचना विलक्षण है।

    उत्तर देंहटाएं
  11. सराहनीय प्रस्तुति

    जीवन के विभिन्न सरोकारों से जुड़ा नया ब्लॉग 'बेसुरम' और उसकी प्रथम पोस्ट 'दलितों की बारी कब आएगी राहुल ...' आपके स्वागत के लिए उत्सुक है। कृपा पूर्वक पधार कर उत्साह-वर्द्धन करें

    उत्तर देंहटाएं
  12. सच! शास्त्री जी ?


    खूबसूरत है मगर है बड़ी ज़ालिम दुनिया
    साफगोई से कोई रिश्ता निभाया नहीं जाता

    उत्तर देंहटाएं
  13. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच-749:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत सुंदर स्टीक
    बिन इबादत के कभी मोक्ष को पाया नहीं जाता

    उत्तर देंहटाएं
  15. जफा के बदले में हमने वफा हमेशा की
    किन्तु पत्थर को कभी मोम बनाया नहीं जाता

    वाह बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं

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