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शनिवार, 28 जनवरी 2012

"करता हूँ माँ का अभिनन्दन" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


मन के कोमल अनुभावों से,
करता हूँ माँ का अभिनन्दन।
शब्दों के अक्षत्-सुमनों से,
करता हूँ मैं पूजन-वन्दन।।

मैं क्या जानूँ लिखना-पढ़ना,
नहीं जानता रचना गढ़ना,
तुम हो भाव जगाने वाली,
नये बिम्ब उपजाने वाली,
मेरे वीराने उपवन में
आ जाओ बनकर तुम चन्दन।
शब्दों के अक्षत्-सुमनों से,
करता हूँ मैं पूजन-वन्दन।।

कितना पावन माँ का नाता,
तुम वाणी हो मैं उदगाता,
सुर भी तुम हो, तान तुम्हीं हो,
गीत तुम्ही हो, गान तुम्हीं हो,
वीणा की झंकार सुना दो,
तुम्हीं साधना, तुम ही साधन।
शब्दों के अक्षत्-सुमनों से,
करता हूँ मैं पूजन-वन्दन।।

मुझको अपना कमल बना लो,
सेवक को माता अपना लो,
मेरी झोली बिल्कुल खाली,
दूर करो मेरी कंगाली,
ज्ञान सिन्धु का कणभर दे दो,
करता हूँ तेरा आराधन।
शब्दों के अक्षत्-सुमनों से,
करता हूँ मैं पूजन-वन्दन।।

26 टिप्‍पणियां:

  1. bahut sundar shandar sarasvati vandana.vasantpanchami ki shubhkamnayen.

    उत्तर देंहटाएं
  2. सामयिक, प्रभावशाली और विनम्र भाव में की गयी आराधना. हमारे पूजा के दो शब्द श्रद्धा सहित अर्पित माँ के युगल चरण को.

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।
    बसंत पंचमी की शुभकामनाएं....!
    मां शारदे को नमन!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर आराधना...माँ शारदे की कृपा बनी रहे!

    उत्तर देंहटाएं
  5. बसंत पंचिमी से पावन अवसर पर मयंक जी की ये सरस्वती वन्दना बहुत सरल व सुन्दर शब्दों में लिखी गयी है. मयंक जी की विद्वता को प्रणाम.

    उत्तर देंहटाएं
  6. नमन वीणावादिनी को. और आपकी लेखनी को.

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर सरस्वती वंदना शास्त्री जी ।
    वसंत पंचमी की शुभकामनायें ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।
    बसंत पंचमी की शुभकामनाएं.
    माँ सरस्वती की कृपा यूँ ही बनी रहे...
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बसंत पंचमी की शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  10. मैं क्या जानूँ लिखना-पढ़ना,
    नहीं जानता रचना गढ़ना,
    तुम हो भाव जगाने वाली,
    नये बिम्ब उपजाने वाली,
    मेरे वीराने उपवन में
    आ जाओ बनकर तुम चन्दन।
    शब्दों के अक्षत्-सुमनों से,
    करता हूँ मैं पूजन-वन्दन।।..

    बहुत सुंदर पंक्तियाँ ...अच्छी रचना

    उत्तर देंहटाएं
  11. वंदन ,अभिनन्दन ,बधाईयां , श्रद्धावनत इस स्तुति काव्य को सृजित करने के लिए ..... बहुत -२ आभार /

    उत्तर देंहटाएं
  12. माँ की महिमा का बेहद सुन्दर गुणगान्)वसंत पंचमी की शुभकामनायें ।

    उत्तर देंहटाएं
  13. जय माँ वीणा वादिनी..सुन्दर आराधना.

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  14. सुंदर रचना।
    वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  15. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
    आज चर्चा मंच पर देखी |
    बहुत बहुत बधाई ||

    उत्तर देंहटाएं
  16. माँ सरस्वती की बहुत सुन्दर प्रार्थना ...
    वसंत पंचमी की हार्दिक शुभ कामनाएँ ....
    माता सरस्वती की असीम कृपा आप पर सदा बनी रहे ...

    उत्तर देंहटाएं
  17. मैं क्या जानूँ लिखना-पढ़ना,
    नहीं जानता रचना गढ़ना,
    तुम हो भाव जगाने वाली,
    नये बिम्ब उपजाने वाली,
    मेरे वीराने उपवन में
    आ जाओ बनकर तुम चन्दन।
    शब्दों के अक्षत्-सुमनों से,
    करता हूँ मैं पूजन-वन्दन।।

    सुन्दर भाव....दादू....!

    उत्तर देंहटाएं
  18. सरस्वती से कंगाली दूर करने की अपेक्षा...कण भर ज्ञान अवश्य मिल सकता है...

    उत्तर देंहटाएं
  19. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
    आज चर्चा मंच पर देखी |
    बहुत बहुत बधाई ||

    उत्तर देंहटाएं
  20. आपकी इस श्रद्धापूर्ण कामना में हमारी कामना भी निहित है.
    माँ-सरस्वती हम सब की कामना पूरी करें यही विनती है !

    उत्तर देंहटाएं

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