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शुक्रवार, 6 जनवरी 2012

"भायेगा तब ये संसार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


सर्दी जाते-जाते, सबको दे जाएगी नवउपहार।
जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।।

गेंहूँ भी लहरायेंगे, फिर से सरसों फूलेगी,
टेसू-सेमल की कलियाँ, फिर डाली पर झूलेंगी,
मिलकर फाग मनाएगा, फिर से पूरा परिवार।
जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।१।

चन्दा देगा सुखद चाँदनी, सूरज हँसी हँसेगा,
जड़-चेतन के नयनों में, फिर से मधुमास बसेगा,
जीवन के यापन करने को, मिल जाएगा फिर आधार।
जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।२।

प्रीत-रीत में सने, बसन्ती रँग फिर से बरसेंगे,
पा करके धन-धान्य, हमारे मनवा फिर हर्षेंगे,
फिर उदास चेहरों पर, आ जायेगा नवल निखार।
जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।३।

नव सम्वत्सर आयेगा, फिर से नवरात्र मनेंगे,
नयी ऊर्जा मन में होगी, बिगड़े काम बनेंगे,
सपनों के संकल्प सलोने, फिर होंगे साकार।
जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।४।

भाँति-भाँति के सुमन-सजीले, महकेंगे आँगन में,
मधुमक्खी, तितली-भँवरे, फिर चहकेंगे उपवन में,
सम्बन्धों के नये सूत्र , फिर से लेंगे आकार।
जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।५।

नये-नये सम्बल होंगे, नूतन आयाम बनेंगे,
हँसी-खुशी के साथ हमारे, सब त्यौहार मनेंगे,
आपस में सौहार्द्र बढ़ेगा, भायेगा तब ये संसार।
 जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।६।

"विनीत संग पल्लवी-सत्यकथा"

29 टिप्‍पणियां:

  1. Photo umda,
    apki rachna umda.

    Waah...

    विश्व संस्कृति की तरह ही भारतीय संस्कृति भी बड़ी अद्भुत है।
    http://mypoeticresponse.blogspot.com/2012/01/blog-post.html

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत प्यारी आशावादी रचना...
    सुबह की शुभ शुरुआत..
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  3. पतझड़ के बाद वसंत आता ही है ...
    खूबसूरत चित्र और कविता!

    उत्तर देंहटाएं
  4. bahut pyari rachna ..basant ke aagman par jab dharti kar uthti shringaar .. bahut khoobsoorat ..
    Nav varsh par aapko mangalkaamnayen

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत बढिया प्रस्तुति,सुंदर रचना
    new post--जिन्दगीं--

    उत्तर देंहटाएं
  6. आशा का संचार करती सुन्दर रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  7. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक shared a post with you.
    "भायेगा तब ये संसार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

    सर्दी जाते-जाते, सबको दे जाएगी नवउपहार।
    जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।।

    गेंहूँ भी लहरायेंगे, फिर से सरसों फूलेगी,
    टेसू-सेमल की कलियाँ, फिर डाली पर झूलेंगी,
    मिलकर फाग मनाएगा, फिर से पूरा परिवार।
    जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।१।

    चन्दा देगा सुखद चाँदनी, सूरज हँसी हँसेगा,
    जड़-चेतन के नयनों में, फिर से मधुमास बसेगा,
    जीवन यापन करने का मिल जाएगा फिर से आधार।
    जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।२।

    प्रीत-रीत में सने, बसन्ती रँग फिर से बरसेंगे,
    पा करके धन-धान्य, हमारे मनवा फिर हर्षेंगे,
    फिर उदास चेहरों पर, आ जायेगा नवल निखार।
    जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।३।

    नव सम्वत्सर आयेगा, फिर से नवरात्र मनेंगे,
    नयी ऊर्जा मन में होगी, बिगड़े काम बनेंगे,
    सपनों के संकल्प सलोने, फिर होंगे साकार।
    जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।४।

    भाँति-भाँति के सुमन-सजीले, महकेंगे आँगल में,
    मधुमक्खी, तितली-भँवरे, फिर चहकेंगे उपवन में,
    सम्बन्धों के नये सूत्र , फिर से लेंगे आकार।
    जन-जीवन में छाएगा, फिर वासन्ती शृंगार।५।
    प्रकृति नटी के सौन्दर्य को मुखरित करती बढ़िया रचना .

    उत्तर देंहटाएं
  8. उत्साह के नवल रंग जगाती कविता..

    उत्तर देंहटाएं
  9. 'जन जीवन में छाएगा वासंती श्रृंगार "
    सदा की तरह जीवंत रचना | आपके ब्लॉग पर आकर आपकी रचनाओं को पढ़ कर पुँनः उल्लसित हो जाती हूँ |

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहूत सुंदर रचना है..
    आंखो के सामने तो जैसे प्रकृती का सुंदर चित्र आ गया...

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपकी किसी पोस्ट की चर्चा नयी पुरानी हलचल पर कल शनिवार 7/1/2012 को होगी । कृपया पधारें और अपने अनमोल विचार ज़रूर दें। आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

    उत्तर देंहटाएं
  13. प्रकृति का नया रूप और उस का बेहतरीन चित्रण.

    उत्तर देंहटाएं
  14. वाह ! वसंत की तो छटा ही निराली है ..उसपर सरसों महकती ..
    बहुत सुन्दर चित्रण किया है..
    ऋतू बंसल
    kalamdaan.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  15. बसंत आने में थोडा सा वक्त अभी बाकि हैं

    खूबसूरत पेशकश

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत सुंदर मन के भाव ...
    प्रभावित करती रचना ...

    उत्तर देंहटाएं

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