मित्रों!
यह रचना आज से डेढ़ साल पहले लिखी थी!
कल हमारा टॉम हमसे विदा हो चुका है।
आज उस को इंगित करके लिखी गयी
टॉम-फिरंगी प्यारे-प्यारे।
दोनों चौकीदार हमारे।।
हमको ये लगते हैं अच्छे।
दोनों ही हैं सीधे-सच्चे।।
![]()
जब हम इनको हैं नहलाते।
ये खुश हो साबुन मलवाते।।
बाँध चेन में इनको लाते।
बाबा कंघी से सहलाते।।
इन्हें नहीं कहना बाहर के।
संगी-साथी ये घरभर के।।
ये दोनों हैं बहुत सलोने।
सुन्दर से जीवन्त खिलौने।।
|
| "उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा। मित्रों! आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है। कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...! और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं। बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए। |


बहुत दुख हुआ जानकर, आत्मीयता हो जाती है।
जवाब देंहटाएंबहुत दुख होता है
जवाब देंहटाएंइस दुख पर मेरी संवेदनायें।
जवाब देंहटाएंसुन्दर रचना पर बधाई गुरूदेव।
इनका जाना बहुत दुख देता है... :(
जवाब देंहटाएं~सादर!!!
बहुत दुःख होता है सबके प्यार में बंधे इन जीवों के हमेशा के लिए दूर चले जाने पर ...
जवाब देंहटाएंघर के सदस्य ही बन जाते हैं ये भी..... दुखद
जवाब देंहटाएंsad....
जवाब देंहटाएंसुन्दर रचना,**** जीवों के हमेशा के लिए दूर चले जाने पर बहुत दुःख होता है
जवाब देंहटाएंजानवर प्यार के अहसास को भूलने नहीं देते
जवाब देंहटाएंत्याग विश्वास कि मूर्ति
तेरे मन में राम [श्री अनूप जलोटा ]
दुखद .. :(
जवाब देंहटाएंmarmik
जवाब देंहटाएंaisa lagta hai ki koi ghar ka sadasya chala gaya ho..!!
जवाब देंहटाएं