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सोमवार, 2 अप्रैल 2012

"आशा का दीप जलाया क्यों?" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

अपनी पुरानी डायरी से
एक गीत प्रस्तुत है!

मन के इस सूने मन्दिर में,
आशा का दीप जलाया क्यों?
मेरे वीराने उपवन में,
सुन्दर सा सुमन खिलाया क्यों?

प्यार-प्यार है पाप नही है,
जिसका कोई माप नही है,
यह तो है वरदान ईश का,
यह कोई अभिशाप नही है,
दो नयनों के प्यालों में,
सागर सा नीर बहाया क्यों?
मेरे वीराने उपवन में,
सुन्दर सा सुमन खिलाया क्यों?

मुस्काओ स्वर भर कर गाओ,
नगमों को और तरानों को,
गुंजायमान कर दो फिर से,
धरती के मौन ठिकानों को,
शीशे जैसे नाजुक दिल मे,
ग़म का अम्बार समाया क्यों?
मेरे वीराने उपवन में,
सुन्दर सा सुमन खिलाया क्यों?

नीलगगन के सपनों को,
साकार धरातल तो दे दो,
पीत पड़े प्यारे पादप को,
निर्मल अमृत जल तो दे दो,
रस्म-रिवाजों की माया से,
यह घर-बार सजाया क्यों?
मेरे वीराने उपवन में,
सुन्दर सा सुमन खिलाया क्यों?

18 टिप्‍पणियां:

  1. पूरा गीत सस्वर पाठ करने योग्य |
    यह पंक्तियाँ तो बेजोड़ हैं --

    मुस्काओ स्वर भर कर गाओ,
    नगमों को और तरानों को,
    गुंजायमान कर दो फिर से,
    धरती के मौन ठिकानों को,

    आभार ||
    सुन्दर गीत ||

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर प्रणय गीत सर.........

    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया रचना,सुंदर भाव अभिव्यक्ति,बेहतरीन पोस्ट,....

    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: मै तेरा घर बसाने आई हूँ...

    उत्तर देंहटाएं
  4. मन के इस सूने मन्दिर में,
    आशा का दीप जलाया क्यों?
    मेरे वीराने उपवन में,
    सुन्दर सा सुमन खिलाया क्यों?...बहुत सुन्दर शास्त्री जी..लाजवाब..

    उत्तर देंहटाएं
  5. सुन्दर गीत...................
    लाजवाब....................

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है।
    चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्टस पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं....
    आपकी एक टिप्‍पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

    उत्तर देंहटाएं
  7. रस्म-रिवाजों की माया से,
    यह घर-बार सजाया क्यों?
    सुन्दर प्रेम गीत .

    उत्तर देंहटाएं
  8. रविकर जी सस्वर जब इस गीत को विभोर होकर गायेंगे
    साथ में हम बैठ उनके जरूर संगत लगायेंगे
    आंखे बंद कर अपनी सिर को भी हिलायेंगे

    सुंदर गीत !

    उत्तर देंहटाएं
  9. सुन्दर गीत सुंदर भाव सर.........

    उत्तर देंहटाएं
  10. क्या बात है , लाजवाब शब्द सयोंजन , बेहतरीन रचना .

    उत्तर देंहटाएं
  11. ्बहुत सुन्दर भाव संयोजन्।

    उत्तर देंहटाएं
  12. स्वप्न यथार्थ का धरातल अवश्य देखेंगे..

    उत्तर देंहटाएं

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