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रविवार, 1 अप्रैल 2012

"रपट-विधानसभाध्यक्ष खटीमा पधारे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आज रामनवमी के अवसर पर 
मेरे नगर खटीमा में
उत्तराखण्ड के विधानसभाध्यक्ष
मा. गोविन्द सिंह कुंजवाल पधारे!
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड में
माननीय पं. नारायण दत्त तिवारी
की सरकार में 2002 से 2005 तक
आदरणीय गोविन्द सिंह कुंजवाल जी
उद्यान मन्त्री रहे थे।
उस समय मैं (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री)
उत्तराखण्ड सरकार के 
अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में
सदस्य पद पर आसीन था।
आयोग से सन् 2008 में 
अपना कार्यकाल पूरा करने के उपरान्त
मैं साहित्य सेवा में लग गया।
मुझे इसका प्रतिफल यह मिला कि
मेरी 4 पुस्तकें
१- सुख का सूरज
२- नन्हे सुमन
३- धरा के रंग
४- हँसता गाता बचपन
प्रकाशित हो गईं।
इन पुस्तकों को मैंने
मा. गोविन्द सिंह कुंजवाल 
(विधानसभाध्यक्ष-उत्तराखण्ड सरकार)
को सप्रेम भेंट किया।
साथ में खटीमा के विधायक
मा. पुष्कर सिंह धामी भी
बायीं ओर स्थित हैं।

15 टिप्‍पणियां:

  1. बधाई ,मान हमारा भी बढ़ता है .

    उत्तर देंहटाएं
  2. बधाई ,मान हमारा भी बढ़ता है .

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत२ बधाई...शुभकामनाए....

    उत्तर देंहटाएं
  4. हिस्सा शासन का रहे, गुरुवर सालो-साल ।
    शुभ कर्मों ने था किया, सेवा मदद धमाल ।

    सेवा मदद धमाल, कभी न जाते खाली ।
    हो सहाय हर हाल, हमारी खप्पर वाली ।

    रविकर का अनुमान, सुनेगा पिछला किस्सा ।
    गुरु गुणों की खान, बने शासन का हिस्सा ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. ढेर सारी शुभकामनाएँ शास्त्री जी...
    आप हमारे प्रेरणा स्त्रोत हैं...
    आशीर्वाद बनाये रखें.

    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  6. बधाई हो शास्त्री जी!
    आपको पुनः सरकार में दायित्व जरूर मिलेगा।

    उत्तर देंहटाएं
  7. आदरणीय शास्त्री जी ,बधाईयाँ , एक कथ्यांश मुझे याद आता है -
    "कविता करके तुलसी न लसे ,कविता लसी पा तुलसी की कला "
    आप वैसे ही किसी राज- सरोकार से ऊपर हैं ,अध्यात्म व साहित्य का सूरज कभी डूबता नहीं / आपके गौरव व मान को नमन करते हैं ..शुभकामनायें ../

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत - बहुत बधाई सहित शुभकामनाएं ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. आपकी साहित्य सेवा यूँ ही गतिमान रहे।

    उत्तर देंहटाएं

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