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रविवार, 8 अप्रैल 2012

"जीवन श्रम के लिए बना है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

पर्वत की महिलाएँ,
हँसिया लेकर जंगल जातीं।
पेड़ों से सूखी शाखाएँ,
काट-काटकर लातीं।।
कभी न मेहनत से घबड़ातीं,
नित्य-नियम से श्रम करती हैं।
अपने साथ समूचे घर का,
ये नारियाँ उदर भरती हैं।।

दुनियादारी के जंगल में,
चुनना होता पथ अपना है।
देती हैं सन्देश जगत को,
जीवन श्रम के लिए बना है।।

24 टिप्‍पणियां:

  1. shandar post hae .prakrati ke anusar dhala jivan ,sundar varnan hae sir.

    उत्तर देंहटाएं
  2. देती हैं सन्देश जगत को,
    जीवन श्रम के लिए बना है।।

    सार्थक रचना ....!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. पहाड़ पर महिलाओं का जीवन बहुत ही श्रम-साध्य है. कविता में सुन्दर वर्णन.

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर वाह!
    आपकी यह ख़ूबसूरत प्रविष्टि कल दिनांक 09-04-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  5. बेहतरीन भाव पुर्ण प्रस्तुति,सुन्दर सार्थक रचना...

    RECENT POST...फुहार....: रूप तुम्हारा...

    उत्तर देंहटाएं
  6. शब्द चयन -सुन्दर
    भाव -प्रभावशाली |
    बहाव- लाजवाब ||

    उत्तर देंहटाएं
  7. मौलिक सृजन मौलिक हाथों से सुन्दर लगा ......बधाईयाँ जी /

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत बढिया रचना। बधाई स्वीकारें।

    उत्तर देंहटाएं
  9. दुनिया में रहना है तो काम करो प्यारे...

    उत्तर देंहटाएं
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  11. पर अजगर करे न चाकरी अफ़सर करे न काम

    उत्तर देंहटाएं
  12. पहाड़ को भी
    पहाड़ की नारी को भी
    को सब देखते
    उसके बाद
    सब उतर के मैदानो
    को निकल लेते हैं।

    ़़़़़
    मुद्दा वाकई ज्वलंत है।

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  13. Nice poem.

    Welcome to Bloggers' Meet weekly 38
    http://www.hbfint.blogspot.in/2012/04/38-human-nature.html

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  14. दुनियादारी के जंगल में,
    चुनना होता पथ अपना है।
    देती हैं सन्देश जगत को,
    जीवन श्रम के लिए बना है।।
    बहुत ही बढि़या ...

    उत्तर देंहटाएं
  15. सच है पहाड़ की महिलाएं बहुत मेहनती होती हैं.. सार्थक संदेश देती सुन्दर रचना.....

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  17. दुनियादारी के जंगल में,
    चुनना होता पथ अपना है।
    देती हैं सन्देश जगत को,
    जीवन श्रम के लिए बना है।।
    श्रम का मूर्त रूप है नारी पहाड़ की .

    उत्तर देंहटाएं
  18. भारत में काम करने वाली महिला की स्थिति आज भी दयनीय हैं ...जबकि चीन और थाईलैंड की १००% महिलाएं काम करती हैं ..तो लोग उन्हें इज्ज़त की नज़र से देखते हैं ....आज भी ये भेदभाव बना हुआ हैं ....

    उत्तर देंहटाएं

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