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बुधवार, 11 अप्रैल 2012

"हो नही सकता" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


वीराना जैसा अपना चमन हो नही सकता।
इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

वीरों  ने इसे सींचा है शोणित की धार से,
सन्तों ने सँवारा है बहुत लाड़-प्यार से,
मुर्झाया हुआ इसका सुमन हो नही सकता।
इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

इसमें ही पल रहा है, अमन-चैन हमारा,
इसमें ही चल रहा है, धर्म-कर्म हमारा,
अब और खण्ड-खण्ड वतन हो नही सकता।
इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

गुंचों की हिफाजत को हैं कुछ खार जरूरी,
फौजों के साथ होते हैं हथियार जरूरी,
साकार शत्रुओं का सपन हो नही सकता।
इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

18 टिप्‍पणियां:

  1. वीराना जैसा अपना चमन हो नही सकता।
    इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

    अनुपम भाव संयो‍जन लिए उत्‍कृष्‍ट प्रस्‍तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस पर फिर एक बार दाद देनी ही पड़ेगी.

    उत्तर देंहटाएं
  3. दिन कठिन हैं पर अच्छा समय आयेगा।

    उत्तर देंहटाएं
  4. सही बात है |
    बिलकुल अपना चमन हमेशा ही आबाद और जिंदाबाद रहेगा |
    उत्कृष्ट प्रस्तुति

    आभार ||

    उत्तर देंहटाएं
  5. इस सार्थक प्रविष्टि के लिए बधाई स्वीकार करें.

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सार्थक और उत्कृष्ट प्रस्तुति....आभार

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत भावपूर्ण और मनभावन कविता |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ही उत्कृष्ट प्रस्तुति ..आभार...

    उत्तर देंहटाएं
  9. वीराना जैसा अपना चमन हो नही सकता।
    इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

    बेहतरीन भाव पुर्ण रचना,बहुत सुंदर अभिव्यक्ति,लाजबाब प्रस्तुति,....

    RECENT POST...फुहार....: रूप तुम्हारा...

    उत्तर देंहटाएं
  10. वीरों ने इसे सींचा है शोणित की धार से,
    सन्तों ने सँवारा है बहुत लाड़-प्यार से,
    मुर्झाया हुआ इसका सुमन हो नही सकता।
    इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

    बहुत सुन्दर....

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपकी सुंदर सोच का
    जब साथ हो सकता है
    इतना उदास कोइ कैसे
    आसपास हो सकता है ।

    सुंदर अभिव्यक्ति !!!

    उत्तर देंहटाएं
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    उत्तर देंहटाएं
  13. साकार शत्रुओं का सपन हो नही सकता।
    इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।
    prabhaavit karti hui panktian bahut sundar.

    उत्तर देंहटाएं
  14. इतना उदास फूलों का मन हो नहीं सकता ...
    सुन्दर प्रेरक गीत !

    उत्तर देंहटाएं
  15. आपकी पोस्ट चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    http://charchamanch.blogspot.com
    चर्चा - 847:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    उत्तर देंहटाएं
  16. वीराना जैसा अपना चमन हो नही सकता।
    इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।


    वाह बहुत खूब ....जो उदास हो जाये वो फूल नहीं हो सकता

    उत्तर देंहटाएं
  17. साकार शत्रुओं का सपन हो नही सकता।
    इतना उदास फूलों का मन हो नही सकता।।

    सत्य को उकेरती सुन्दर रचना

    उत्तर देंहटाएं

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