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गुरुवार, 16 जून 2011

"श्रीमती अमर भारती के स्वर में-गणेश वन्दना सुनिए" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

मेरी जीवन संगिनी
श्रीमती अमर भारती के स्वर में!
आज मेरी लिखी हुई यह गणेश वन्दना सुनिए
और आप भी साथ-साथ गाइए!



विघ्न विनाशक-सिद्धि विनायक।
कृपा करो हे गणपति नायक!!

सबसे पहले तुमको ध्याता,
चरणयुगल में शीश नवाता,
आदि देव जय-जय गणनायक।
कृपा करो हे गणपति नायक!!

पार्वती-शिव के तुम नन्दन,
करते सभी तुम्हारा वन्दन,
सबको देते फल शुभदायक!
कृपा करो हे गणपति नायक!!

लेकर धूप-दीप और चन्दन,
सारा जग करता अभिनन्दन,
मैं अबोध अनुचर अनुगायक!
कृपा करो हे गणपति नायक!!

मूषक-मोदक तुमको प्यारे,
विपदाओं को टारनहारे,
निर्बल के तुम सदा सहायक!
कृपा करो हे गणपति नायक!!

20 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर बप्पा की वंदना .....

    उत्तर देंहटाएं
  2. अच्छी युगल बंदी,
    जोड़ी सलामत रहे ||

    कृपा करो हे गणपति नायक!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत मधुर वंदना ...
    शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं
  4. जय गणेश देवा, सुन्दर रचना, सुन्दर अभिव्यक्ति।

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह इश्वर ने क्या जोड़ी जमाई है एक के मन मे दूसरे के कंठ मे सरस्वती का वास है

    उत्तर देंहटाएं
  6. अमर भारती जी के मधुर स्वर में गणेश वंदना सुनकर मन प्रसन्न हो गया! सुन्दर प्रस्तुती!

    उत्तर देंहटाएं
  7. सच्चा गणेश
    गण + ईश = गणेश
    जो गणों का स्वामी है वही गणेश है। यह ईश्वर का एक नाम है। यह संस्कृत का नाम है। क़ुरआन की सबसे आखि़री सूरा में भी अल्लाह को ‘इलाहिन्नास‘ कहा गया है।
    इलाह = ईश्वर
    नास = गण
    'इलाहिन्नास'

    ईश्वर अल्लाह के नाम से ही हरेक जायज़ और शुभ काम को करने की परंपरा हिंदू मुसलमानों में पाई जाती है।
    ईश्वर निराकार है अर्थात उसका आकार रूप गुण मनुष्य के चिंतन और उसकी कल्पना में पूरी तरह समा नहीं सकते।
    हिंदू दार्शनिकों ने इस प्रॉब्लम को हल करने के लिए कल्पना और चित्र आदि का सहारा लिया तो गणेश का रूप कुछ से कुछ बन गया और अब आम जनता में यह प्रचलित हो गया कि गणेश पार्वती जी के बदन पर लगे उबटन और मैल से बने हैं। यह ईश्वर का घोर अपमान है कि जिसने सारी दुनिया को बनाया हो, वह किसी के बदन के मैल से बने और फिर किसी से लड़कर अपनी गर्दन कटवा बैठे।
    इस तरह की कल्पनाओं ने लोगों को भ्रम में डाल दिया है और हिंदू और मुसलमानों में दूरी डाल दी है।
    मैं नमाज़ में और योगी अपने ध्यान में जिस अजन्मे अविनाशी परब्रहं परमेश्वर की ओर उन्मुख होता है, वही सच्चा गणेश है और वह सबका एक ही है। सबको उसी एक गणेश की आराधना करनी चाहिए।
    शांति के लिए वेद कुरआन The absolute peace

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर गणपति वंदना ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बेहद मधुर गणपति वंदना.

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुन्दर मधुर गणपति वंदना |

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुन्दर गणेश वंदना .. और उतनी ही मधुर भी ..

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत सुरीली आवाज़ है। अपनी गज़लें गीत भी इनसे गवाइये न। शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत मधुर वंदना ...अच्छी युगल बंदी,
    शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं

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