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शुक्रवार, 24 जून 2011

"ग़ज़ल-...उसने सितम ढाया है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


दोस्त बनके हमें रुलाया है
बेसबब उसने सितम ढाया है

भूल कर प्यार-वफा की बातें
उसने दिल को बहुत दुखाया है

ज़िन्दगी के हसीन लम्हों को
उसने पल भर में ही भुलाया है

साथ उसके जो घोंसला था बुना
आँधियों ने उसे गिराया है

उसको दिन का न उजाला भाया
नग़मगी ख़्वाब पसन्द आया है

आज मेरी है कल पराई है
आती-जाती हुई ये माया है

जिसने काँटों की चुभन झेली है
उसने फूलों का नाम पाया है

रूप-यौवन अधिक नहीं टिकता
ज़िन्दगी धूप और छाया है

21 टिप्‍पणियां:

  1. आज मेरी है कल पराई है
    आती-जाती हुई ये माया है

    जिसने काँटों की चुभन झेली है
    उसने फूलों का नाम पाया है

    “रूप”-यौवन अधिक नहीं टिकता

    बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  2. ज़िन्दगी धूप और छाया है ||
    सब ईश्वर की माया है |

    बधाई शास्त्री जी ||

    उत्तर देंहटाएं
  3. आज मेरी है कल पराई है
    आती-जाती हुई ये माया है

    जिसने काँटों की चुभन झेली है
    उसने फूलों का नाम पाया है


    बहुत खूबसूरत गज़ल ..

    उत्तर देंहटाएं
  4. आज मेरी है कल पराई है
    आती-जाती हुई ये माया है

    बहुत खूबसूरत गज़ल

    उत्तर देंहटाएं
  5. तुमने चुप रह के सितम और भी ढाया मुझ पे
    तुमसे अच्छे हैं मेरे हाल पे हंसने वाले...
    खूबसूरत ग़ज़ल...

    उत्तर देंहटाएं
  6. youvan to thik hai "mayank" ji ! par aapne roop shabd ka bada khoobsoorat prayog kiya ;;;;;;;achha laga , bahut achha laga

    badhiya rachna..jai ho !

    उत्तर देंहटाएं
  7. आज मेरी है कल पराई है
    आती-जाती हुई ये माया है
    .
    बहुत खूब कहा है

    उत्तर देंहटाएं
  8. जिसने काँटों की चुभन झेली है
    उसने फूलों का नाम पाया है

    khoobsurat

    उत्तर देंहटाएं
  9. “रूप”-यौवन अधिक नहीं टिकता
    ज़िन्दगी धूप और छाया है
    पूरी कविता है बेमिसाल बेशक
    दिल अपना दो पंक्तियों पे आया है

    उत्तर देंहटाएं
  10. बशुत सुन्दर सार्थक अभिव्यक्ति| धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  11. उसको दिन का न उजाला पसंद आया,
    नगमगी ख़्वाब पसद आया है।
    बेहतरीन ग़ज़ल , एक से एक बढ कर शे'र।

    उत्तर देंहटाएं
  12. सुन्दर चित्र के साथ शानदार ग़ज़ल! उम्दा प्रस्तुती!

    उत्तर देंहटाएं
  13. जिसने काँटों की चुभन झेली है
    उसने फूलों का नाम पाया है

    बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  14. हर पंक्ति बहुत ही सुन्‍दर बन पड़ी है ...।

    उत्तर देंहटाएं
  15. खूबसूरत गज़ल के माध्यम से बहुत ही गहरी बात कह दी।

    उत्तर देंहटाएं
  16. ज़िन्दगी के हसीन लम्हों को
    उसने पल भर में ही भुलाया है...हर पंक्ति में एक दर्द छिपा है... बहुत ही सुन्‍दर...

    उत्तर देंहटाएं

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