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सोमवार, 11 जुलाई 2011

"रिम-झिम करता सावन आया" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

 

शीतल पवन सभी को भाया।
रिम-झिम करता सावन आया।।

उगे गगन में गहरे बादल,
भरा हुआ जिनमें निर्मल जल,
इन्द्रधनुष ने रूप दिखाया।

श्वेत-श्याम घन बहुत निराले,
आसमान पर डेरा डाले,
कौआ काँव-काँव चिल्लाया।

जोर-शोर से बिजली कड़की,
सहम उठे हैं लड़का-लड़की,
देख चमक सूरज शर्माया।

खेत धान से धानी-धानी,
घर मे पानी बाहर पानी,
मेघों ने पानी बरसाया।

लहरों का स्वरूप है चंगा,
मचल रहीं हैं यमुना-गंगा,
पेड़ों ने नवजीवन पाया।

झूले पड़े हुए घर-घर में,
चहल-पहल है प्रांत-नगर में,
झूल रही हैं ललिता-माया।

मोहन ने महफिल है जोड़ी,
मजा दे रही चाय-पकौड़ी,
मानसून ने मन भरमाया।

16 टिप्‍पणियां:

  1. चाहे अभी सावन शुरु नही हुआ मगर माहौल तो बन ही गया है सावन जैसा……………बहुत सुन्दर मनभावन गीत लिखा है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. ऋतु की सुन्दरता इस गीत से बढ़ रही है... प्रकृति के ने कवि के रूप में स्थापित हो रहे हैं आप....

    उत्तर देंहटाएं
  3. …बहुत सुन्दर मनभावन गीत लिखा हैं ..........

    उत्तर देंहटाएं
  4. अहाहा
    छन्द आपने इस प्रवाह से बनाए हैं कि लग रहा है टप-टप वर्षा की बूंदे गिर रही हैं और हम भींगते भींगते चहलकदमी कर रहे हों।

    उत्तर देंहटाएं
  5. सावन के आने से पहले ही उसका स्वागत , सुंदर रचना ....

    उत्तर देंहटाएं
  6. एक सुंदर कोमल रचना. आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  7. वाह , शास्त्री जी . सावन में मन झूमने लगता है . प्यारा सावन गीत .

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत बढ़िया सावन गीत प्रस्तुति के लिए आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  9. खेत धान से धानी-धानी,
    घर मे पानी बाहर पानी,
    मेघों ने पानी बरसाया।
    सावन के झूले ,वर्षा की बूंदें सुखद लगती हैं आपकी सरस रचना की तरह शुक्रिया सर /

    उत्तर देंहटाएं
  10. आप अभी हिंदी साहित्य के एकमात्र प्रकृति कवि हैं...

    उत्तर देंहटाएं
  11. वातावरण को सावनमय कर दिया है.सरल-सहज शब्दों में अनुपम चित्रण.

    उत्तर देंहटाएं
  12. झूल रही हैं ललिता माया.......

    इस एक पंक्ति ने इस बाल गीत जैसी दिखने वाली रचना का वजन कई गुना बढ़ा दिया, साहित्यिक दृष्टिकोण से भी|

    कुण्डलिया छन्द - सरोकारों के सौदे

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ...आभार के साथ बधाई

    http://www.parikalpna.com/?p=5207

    आज आपकी प्रस्‍तुति यहां भी ...।

    उत्तर देंहटाएं

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