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गुरुवार, 28 जुलाई 2011

“सावन की ग़जलिका” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)

savan ke jhoole
गन्दुमी सी पर्त ने ढक ही दिया आकाश नीला
देखकर घनश्याम को होने लगा आकाश पीला

छिप गया चन्दा गगन में, हो गया मज़बूर सूरज

पर्वतों की गोद में से बह गया कमजोर टीला

बाँटती सुख सभी को बरसात की भीनी फुहारें

बरसता सावन सुहाना हो गया चौमास गीला

पड़ गये झूले पुराने नीम के उस पेड़ पर
पास के तालाब से मेढक सुनाते सुर-सुरीला

इन्द्र ने अपने धनुष का
“रूप” सुन्दर सा दिखाया

सात रंगों से सजा है गगन में कितना सजीला
indradhanush

16 टिप्‍पणियां:

  1. छिप गया चन्दा गगन में, हो गया मज़बूर सूरज
    पर्वतों की गोद में से बह गया कमजोर टीला

    बाँटती सुख सभी को बरसात की भीनी फुहारें
    बरसता सावन सुहाना हो गया चौमास गीला
    .
    अति सुंदर और नज़ारे तो ऐसे हैं दिल चाहता है अभी उड़ के पहुँच जाऊं .

    उत्तर देंहटाएं
  2. bahut hi manbhavan geet bahut sunder.aankhon ke samaksh saara drashya sakar ho gaya.badhaai aapko.

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपने तो हरियाली तीज का मनोहारी सचित्र दृश्य उपस्थित कर दिया शास्त्री जी.

    उत्तर देंहटाएं
  4. हरियल तीज हमारे यहां हरेली नाम से मनाया जाता है हो सकता है यह अलग ही त्योहार भी हो

    उत्तर देंहटाएं
  5. बरसात की बेहद ख़ूबसूरत अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  6. महा-स्वयंवर रचनाओं का, सजा है चर्चा-मंच |
    नेह-निमंत्रण प्रियवर आओ, कर लेखों को टंच ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  7. पड़ गये झूले पुराने नीम के उस पेड़ पर
    पास के तालाब से मेढक सुनाते सुर-सुरीला
    क्या बिम्ब खींचा है आपने शास्त्री जी!
    आनंद आ गया।

    उत्तर देंहटाएं
  8. छिप गया चन्दा गगन में, हो गया मज़बूर सूरज
    पर्वतों की गोद में से बह गया कमजोर टीला

    बाँटती सुख सभी को बरसात की भीनी फुहारें
    बरसता सावन सुहाना हो गया चौमास गीला
    .
    अति सुंदर और नज़ारे तो ऐसे हैं दिल चाहता है अभी उड़ के पहुँच जाऊं .

    Sahmat.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बाँटती सुख सभी को बरसात की भीनी फुहारें
    बरसता सावन सुहाना हो गया चौमास गीला...
    ख़ूबसूरत पंक्तियाँ! मन प्रसन्न हो गया! बड़ा ही मनभावन गीत!

    उत्तर देंहटाएं
  10. पड़ गये झूले पुराने नीम के उस पेड़ पर
    पास के तालाब से मेढक सुनाते सुर-सुरीला
    shandar prstuti..bachpan ki yaad taaja ho gayi

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुन्दर...अतिसुन्दर...मनभावन

    उत्तर देंहटाएं
  12. आपकी पोस्ट की चर्चा सोमवार १/०८/११ को हिंदी ब्लॉगर वीकली {२} के मंच पर की गई है /आप आयें और अपने विचारों से हमें अवगत कराएँ / हमारी कामना है कि आप हिंदी की सेवा यूं ही करते रहें। कल सोमवार को
    ब्लॉगर्स मीट वीकली में आप सादर आमंत्रित हैं।

    उत्तर देंहटाएं

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