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गुरुवार, 21 जुलाई 2011

"ग़ज़ल...क्यों हार की बातें करें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

सादगी के साथ हम, शृंगार की बातें करें
जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें

सोचने को उम्र सारी ही पड़ी है सामने,
प्यार का दिन है सुहाना, प्यार की बातें करें

रंग मौसम ने भरे हैं, आ गया ऋतुराज है,
रंज-ओ-ग़म को छोड़कर, त्यौहार की बातें करें

मन-सुमन से मिल गये, गुञ्चे चमन में खिल गये,
आज के दिन हम, नये उपहार की बातें करें

प्रीत है इक आग, इसमें ताप जीवन भर रहे,
हम सदा सुर-ताल, मृदु झंकार की बातें करें

"रूप" कब तक साथ देगा, नगमग़ी बाज़ार में,
साथ में मिल-बैठकर, परिवार की बातें करें

22 टिप्‍पणियां:

  1. हार से सीख लेकर हार को स्मृतियों से उतार दें।

    उत्तर देंहटाएं
  2. waise bhee INDIA ENGLAND ki aaj test match series shuru hone wali hai....to lets be positive and kyon haar ki baatein karein!

    उत्तर देंहटाएं
  3. "हम सदा सुर ताल, मृदु झंकार की बातें करें"
    वाह, बहुत प्यारी ग़ज़ल सर,
    सादर...

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह! वाह! बहुत सुन्दर शास्त्री जी.
    आनंद आ गया गजल पढकर आपकी.

    उत्तर देंहटाएं
  5. "रूप" कब तक साथ देगा, नगमग़ी बाज़ार में,
    साथ में मिल-बैठकर, परिवार की बातें करें
    बहुत खूब .....

    उत्तर देंहटाएं
  6. bahut badiyaa gajal shastriji.bahut sunder shabdon ka chayan.badhaai aapko.

    उत्तर देंहटाएं
  7. "रूप" कब तक साथ देगा, नगमग़ी बाज़ार में,
    साथ में मिल-बैठकर, परिवार की बातें करें

    हर एक पंक्ति सारगर्भित और हृदय-स्पर्शी.

    उत्तर देंहटाएं
  8. bahut pyaari ghazal hai yeh to.aur kya kahun..bas vaah ..vaah.

    उत्तर देंहटाएं
  9. अरे वाह! त्योहार? उपहार...बहुत ख़ूब...बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुन्दर भाव समन्वय्।

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  11. रंग मौसम ने भरे हैं, आ गया ऋतुराज है,
    रंज-ओ-ग़म को छोड़कर, त्यौहार की बातें करें..
    वाह! बहुत खूब लिखा है आपने! आपकी इस ख़ूबसूरत ग़ज़ल पढ़कर मन ख़ुशी से भर गया!

    उत्तर देंहटाएं
  12. प्रीत है इक आग, इसमें ताप जीवन भर रहे,
    हम सदा सुर-ताल, मृदु झंकार की बातें करें
    शास्त्री जी बिल्कुल हर समय की यही मांग होनी चाहिए। उच्चारण भी और आचरण भी।

    उत्तर देंहटाएं
  13. सादगी के साथ हम, श्रृंगार की बातें करें
    जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें.

    सकारात्मक सोच जगाती बेहतरीन कविता.

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  14. मीठी मीठी बातें बतियाती अनुभव सिक्त प्यारी सी ग़ज़ल| 'परिवार की बातें करें' वाले मिसरे ने तो दिल जीत लिया|

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  15. साथ में मिल-बैठकर, परिवार की बातें करें
    dr saheb esi baat ki to aajakal kami hai.elecroni itam ne paas baithe ki doori badha di,door baithe ki ghata di .sadhuwad samayik rachana ke liye

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत खूबसूरत भावों को समेटे हुए रचना ... ऐसा लग रहा है कि इसे पहले भी पढ़ चुकी हूँ ..

    उत्तर देंहटाएं

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