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मंगलवार, 17 जुलाई 2012

"हरेला हरितक्रान्ति का पर्व है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

“कल हरेला था”
उत्तराखण्ड की संस्कृति की धरोहर “हरेला” उत्तराखण्ड का प्रमुख त्यौहार है!
उत्तराखण्ड के परिवेश और खेती के साथ इसका सम्बन्ध विशेषरूप से जुड़ा हुआ है! 
हरेला पर्व वैसे तो वर्ष में तीन बार आता है- 
1- चैत्र मास में!
(प्रथम दिन बोया जाता है तथा नवमी को काटा जाता है!)
2- श्रावण मास में
(सावन लगने से नौ दिन पहले आषाढ़ में बोया जाता है और दस दिन बाद श्रावण के प्रथम दिन काटा जाता है!)
3- आश्विन मास में!
(आश्विम मास में नवरात्र के पहले दिन बोया जाता है और दशहरा के दिन काटा जाता है!)   
harela_3किन्तु उत्तराखण्ड में श्रावण मास में पड़ने वाले हरेला को ही अधिक महत्व दिया जाता है! क्योंकि श्रावण मास शंकर भगवान जी को विशेष प्रिय है। यह तो सर्वविदित ही है कि उत्तराखण्ड एक पहाड़ी प्रदेश है और पहाड़ों पर ही भगवान शंकर का वास माना जाता है। इसलिए भी उत्तराखण्ड में श्रावण मास में पड़ने वाले हरेला का अधिक महत्व है!   
harela_2सावन लगने से नौ दिन पहले आषाढ़ में हरेला बोने के लिए किसी थालीनुमा पात्र या टोकरी का चयन किया जाता है। इसमें मिट्टी डालकर गेहूँ, जौ, धान, गहत, भट्ट, उड़द, सरसों आदि 5 या 7 प्रकार के बीजों  को बो दिया जाता है। नौ दिनों तक इस पात्र में रोज सुबह को पानी छिड़कते रहते हैं। दसवें दिन इसे काटा जाता है। 
4 से 6 इंच लम्बे इन पौधों को ही हरेला कहा जाता है। 
घर के सदस्य इन्हें बहुत आदर के साथ अपने शीश पर रखते हैं। 
घर में सुख-समृद्धि के प्रतीक के रूप में हरेला बोया व काटा जाता है! 
इसके मूल में यह मान्यता निहित है कि हरेला जितना बड़ा होगा उतनी ही फसल बढ़िया होगी! साथ ही प्रभू से  फसल अच्छी होने की कामना भी की जाती है! 

कल हरेला था !
उत्तराखण्ड के इस पावन पर्व पर  मेरी ओर से सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ!!

16 टिप्‍पणियां:

  1. मोहक चित्रों संग बढ़िया जानकारी , शास्त्रीजी !

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत बढिया चित्रमय जानकारी

    उत्तर देंहटाएं
  3. सही कहा ..“हरेला” उत्तराखण्ड की संस्कृति की धरोहर ..सुन्दर चित्रो के साथ सही जानकारी..आप को भी हार्दिक शुभकामनाएँ!!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  5. आप को भी हार्दिक शुभकामनाएँ!!

    उत्तर देंहटाएं
  6. उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के चर्चा मंच पर ।।

    आइये-

    सादर ।।

    आदरणीय पाठक गण !!

    किसी भी लिंक पर टिप्पणी करें ।

    सम्बंधित पोस्ट पर ही उसे पेस्ट कर दिया जायेगा 11 AM पर-

    उत्तर देंहटाएं
  7. एक नए पर्व की जानकारी के लिए आभार ..

    उत्तर देंहटाएं
  8. मोहक चित्रों संग बढ़िया जानकारी.... आभार ..

    उत्तर देंहटाएं
  9. यही शुभकामना है हमारी...कि ये हरेला खूब बढ़े तथा देश में बहुत अच्छी फसल लहलहाए...व आपके घर में समृद्धि, शांति का वास हो..
    सादर!

    उत्तर देंहटाएं
  10. बढिया प्रस्तुति आंचलिक पर्व की झलक लिए .ये न्योरते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेटियाँ बाप के कान के ऊपर मुंडेर पे धरती हैं आशीष लेती हैं .स्वरूप भिन्न हैं यहाँ .

    उत्तर देंहटाएं
  11. बढ़िया जानकारी ...
    शुक्रिया !
    साभार !!

    उत्तर देंहटाएं
  12. अन्‍न ही हमारी प्रमुख आवश्‍यकता है इसलिए इसकी पूजा हमारे यहां परम्‍परा है। आपको हरेला की बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  13. हैप्पी हरेला !!!
    बहुत खूब लिखा है !!!

    उत्तर देंहटाएं

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