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सोमवार, 9 जुलाई 2012

"अस्तित्व अधूरा लगता है" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।
रचना बिन अस्तित्व अधूरा लगता है।।

प्रेम-रोग में गम का होना,
जीवन का ये ही है रोना,
प्रियतम बिन अपनत्व अधूरा लगता है।
करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।

नालों का जहरीला पानी,
लील रहा मासूम जवानी,
जीवन बिन दायित्व अधूरा लगता है।
करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।

बचपन बहुत सुहाना लगता,
सुख का ठौर ठिकाना लगता,
भाई बिन भ्रातृत्व अधूरा लगता है।
करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।

माँ होती ममता की मूरत,
सबसे प्यारी उसकी सूरत,
ममता बिन मातृत्व अधूरा लगता है।
करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।

21 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर अप्रतिम अनुपम गीत के लिए हार्दिक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  2. एक और उत्कृष्ट प्रस्तुति |
    मेरे लिए तो यह पंक्ति
    -सर्वथा आनंद देने वाली है-

    "रचना बिन अस्तित्व अधूरा लगता है। "

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति... सुन्दर रचना... :-).

    उत्तर देंहटाएं
  4. ममता बिन मातृत्व अधूरा लगता है।करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।

    ...बहुत सुन्दर रचना!..माँ और बालक की सुन्दर तस्वीर कविता को सजीव चित्रित कर रही है!

    उत्तर देंहटाएं
  5. नालों का जहरीला पानी,
    लील रहा मासूम जवानी,
    जीवन बिन दायित्व अधूरा लगता है।
    करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।बहुत खुबसूरत भावपूर्ण अभिव्यक्ति..आभार..

    उत्तर देंहटाएं
  6. करुणा बिन सर्वस्व अधूरा है.....आखिर मानव को मानव का दर्जा दिलाने वाला गुण यही तो है

    उत्तर देंहटाएं
  7. आपकी इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार १०/७/१२ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी आप सादर आमंत्रित हैं |

    उत्तर देंहटाएं
  8. करुणा और प्रेम बिन सब कुछ अधुरा लगता है...
    अत्यंत सुन्दर प्रभावशाली रचना...
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  9. रचना बिन अस्तित्व अधूरा लगता है।

    लाजबाब पंक्तियाँ सुंदर रचना,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  10. माँ होती ममता की मूरत,
    सबसे प्यारी उसकी सूरत,
    ममता बिन मातृत्व अधूरा लगता है।
    करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।
    शास्त्री जी बहुत सुन्दर ...सच में कुछ ख़ास कुछ को खास बना ही देता है बिन उसके सब कुछ अधूरा लगता है ..सुन्दर
    भ्रमर ५
    भ्रमर का दर्द और दर्पण

    उत्तर देंहटाएं
  11. इसे अधूरेपन को भरने में लगे मानवीय प्रयास..

    उत्तर देंहटाएं
  12. गर एक भी दिन आपकी रचना ना पढ़ें तो ये दिन अधूरा लगता है!
    बेहतरीन गुरु जी!

    उत्तर देंहटाएं
  13. सचमुच ! बहुत सुन्दर रचना !
    सादर
    कलमदान

    उत्तर देंहटाएं
  14. नालों का जहरीला पानी,
    लील रहा मासूम जवानी,
    जीवन बिन दायित्व अधूरा लगता है।
    करुणा बिन करुणत्व अधूरा लगता है।।
    जीवन अब बिन ब्लॉग अधूरा लगता है .
    बिना आपके ,ब्लॉग अधूरा लगता है .
    बढिया प्रस्तुति .

    उत्तर देंहटाएं

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