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बुधवार, 11 जुलाई 2012

"सत्रह दोहे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

सावन में सजने लगापावन शिव का धाम।
गली-गली में गूँजताबम-भोले का नाम।१।

निहित ज्ञान का पुंज हैगीता में श्रीमान।
पढ़ना इसको ध्यान सेइसमें है विज्ञान।२।

उर्दू-हिन्दी को दियाजिसने नव आयाम।
अमर रहेगा जगत मेंप्रेमचन्द का नाम।३।

जनता की है दुर्दशाजन-जीवन बेहाल।
कूड़ा-कर्कट बीनतेभारत माँ के लाल।४।

मामा शकुनि हो गयेबिगड़ गये हैं ढंग।
पक्षपात को देखकर, हुए भानजे दंग।५।

देते हैं सन्ताप कोनीच घरों के लोग।
इसीलिए तो मुकदमेंलोग रहे हैं भोग।६।

चना-चबेना भी नहींमहँगाई की मार।
मनमोहन सरकार सेगया आदमी हार।७।

आड़ी-तिरछी हाथ मेंहोतीं बहुत लकीर।
कोई है राजा यहाँकोई रंक-फकीर।८।

सुख देती है सभी कोजल की नेह फुहार।
चौमासे में मिल रहाकुदरत का उपहार।९।

पाषाणों की चोट सेशीशा जाता टूट।
लेकिन वो झुकता नहींपीता गम के घूँट।१०।

हर युग में होती रहीअभिमन्यू की मौत।
खुली चुनौती दे रहाचन्दा को खद्योत।११।

शिकवा और शिकायतेंजीवन के हैं साथ।
बुरे वक्त में दोस्त कोआजमाइए तात।१२।

हाँसकर जीवन को जियोरहना नहीं उदास।
नीरसता को त्याग के, करो हास-परिहास।१३।

मधु के लालच में कभीधोखा भी हो जात।
सोच-समझकर प्यार सेछत्ते में दो हाथ।१४।

प्रणय जगाता है सदा, तन-मन में उदगार।
प्रेम हमेशा ही रहाजीवन का आधार।१५।

नौनिहाल को सीख देंसुधरेगा संसार।
कहने से पहले जरामन में करें विचार।१६।

चिपकी-चिपकी पेंट सेनंगी देह दिखाय।
अच्छा-खासा आदमीनंगा सा बन जाय।१७।

22 टिप्‍पणियां:

  1. हर युग में होती रही, अभिमन्यू की मौत।
    खुली चुनौती दे रहा, चन्दा को खद्योत।११।
    शानदार दोहे कमाल के इस दोहे में तो सौ में से सौ नंबर बधाई आपको

    उत्तर देंहटाएं
  2. रचनाओं को दुह गए, दोहे बेहद खास |

    बरस झमाझम है रहा, यह सावन शिव मास |

    यह सावन शिव मास, कृपा गुरुवर की होती |

    हुई स्नेहसिक्त आज, जलाया पावन ज्योति |

    बहुत बहुत आभार, कृपा कुछ और बढाओ |

    धन्य हो गई आज , गीत गाओ रचनाओं ||

    उत्तर देंहटाएं
  3. क्या गज़ब के दोहे हैं सभी एक से बढकर एक हैं ………………शानदार लाजवाब

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर सार्थक दोहे..

    उत्तर देंहटाएं
  5. कमाल के दोहे.. बहुत सुन्दर.. बहुत प्रभावशाली

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर-सरस-सहज लगें,दोहे नीति उपाय
    अमल करें,बचकर रहें,मति रहा भरमाय

    उत्तर देंहटाएं
  7. गहन भाव लिए बेहतरीन प्रस्‍तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  8. लाजबाब रचना...बहुत सुन्दर सार्थक .

    उत्तर देंहटाएं
  9. गहन भाव लिए ...बेहतरीन प्रस्‍तुति ...आभार

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत ही बेहतरीन प्रव्शाली दोहे...
    बेहतरीन रचना:-)

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपकी पोस्ट कल 12/7/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें

    चर्चा - 938 :चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    उत्तर देंहटाएं
  12. सत्रह दोहे क्यों लिखे, लिखे नहीं क्यों बीस?
    लगता मन के भाव थे, सत्रह पर छत्तीस।:)

    उत्तर देंहटाएं
  13. हर युग में होती रही, अभिमन्यू की मौत।
    खुली चुनौती दे रहा, चन्दा को खद्योत।११।
    बहुत सुन्दर अर्थ और व्यंजना में सभी दोहे

    उत्तर देंहटाएं
  14. सुन्दर दोहे और सार गर्भित भी |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं

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