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शनिवार, 14 जुलाई 2012

"कलकल नाद सुनाते हैं" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


पर्वत से चलकर आते हैं,
कलकल नाद सुनाते हैं।
बाधाओं से मत घबड़ाना,
निर्झर हमें सिखाते हैं।।

लक्ष्य सदा आगे को बढ़ना,
निर्मल नीर बहाना है।
सूखी धरती सिंचित करके,
फिर उर्वरा बनाना है।
नद-नालों को पावन जल से,
आप्लावित कर जाते हैं।
बाधाओं से मत घबड़ाना,
निर्झर हमें सिखाते हैं।।

शोर-मचाते हँसते गाते,
दुर्गम-सुगम ठिकानों में।
बालू, कंकड़-पत्थर लाते,
पर्वत से मैदानों में।
ये बिन लहरों के सोते हैं,
लहर-लहर लहराते हैं।
बाधाओं से मत घबड़ाना,
निर्झर हमें सिखाते हैं।।

प्रेम-प्रीत करने वालों को,
झरने ही सुख देते हैं।
जग की झंझावातों को,
ये पलभर में हर लेते हैं।
जीवन की परिभाषाओं का,
सबको सार बताते हैं।
बाधाओं से मत घबड़ाना,
निर्झर हमें सिखाते हैं।।

20 टिप्‍पणियां:

  1. वाह सुन्दर संदेश देती उत्तम प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर रचना शास्त्री जी ...और उतना ही सुंदर चित्र भी ....
    बहुत बधाई इस प्रस्तुति के लिये ....!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. पर्वत से चलकर आते हैं,
    कलकल नाद सुनाते हैं।
    बाधाओं से मत घबड़ाना,
    निर्झर हमें सिखाते हैं।।..वाह: बहुत ही उत्साहवर्धक रचना..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर उत्कृष्ट रचना..
    चित्र भी बहुत सुन्दर है...
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  5. बाधाओं से मत घबड़ाना,
    निर्झर हमें सिखाते हैं।।

    बहुत सुन्दर.....

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुन्दर प्रस्तुति |
    बधाई स्वीकारें ||

    उत्तर देंहटाएं
  7. निर्झर हमें सिखाते हैं...बहुत सुन्दर...

    उत्तर देंहटाएं
  8. पर्वत से चलकर आते हैं,
    कलकल नाद सुनाते हैं।
    बाधाओं से मत घबड़ाना,
    निर्झर हमें सिखाते हैं।।
    प्रेरक उत्प्रेरक रचना .प्रकृति से प्रेरणा .निर्झर ,बह कल कल ,अविरल ,बढ़ और आगे बढ़ रुक मत ,....बढ़ चल ...

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुंदर रचना , सुंदर चित्र भी ....
    बहुत-2 बधाई प्रस्तुति के लिये ....!!

    उत्तर देंहटाएं
  10. वाह! वाह! बहुत सुंदर गीत...
    और चित्र के तो क्या कहने...
    सादर।

    उत्तर देंहटाएं
  11. निर्झर राग सुना रहे ये सुन्दर सा चित्र
    बाधाओं से मत घबराओ बता रहेहै मित्र,,,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत ही बेहतरीन रचना....
    मेरे ब्लॉग

    विचार बोध
    पर आपका हार्दिक स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  13. सुंदर रचना का झरना कल कल बह रहा है ।

    उत्तर देंहटाएं
  14. कल कल नाद सुनाता झरना बहुत सुन्दर रचना है |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं

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