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सोमवार, 9 मई 2011

"दामन बचाना चाहिए" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



इन दरिन्दों से सदा दामन बचाना चाहिए।
अब न नंगे जिस्म को ज्यादा नचाना चाहिए।

हुस्न की परवाज़ तो थम ही नहीं सकतीं कभी,
पंख ज्यादा जोश से ना फड़फड़ाना चाहिए।

इश्क की आँधी में उड़ जाना न अच्छी बात है,
सिर्फ शीतल पवन को घर में बसाना चाहिए।

खूब मथकर सेंकना चूल्हे में दिलकश रोटियाँ,
अटपटी बातों को दिल में ही पचाना चाहिए।

रूपके लोभी लुटेरे ताँक में हैं आपकी,
सोचकर अपने स्वयंवर को रचाना चाहिए।

22 टिप्‍पणियां:

  1. वाह्………………गज़ब की सीख देती रचना लिखी है…………बहुत ही बढिया प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सेंकना चूल्हे में दिलकश रोटियाँ,
    वाह वाह

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह अत्यंत तेजपूर्ण प्रभावशाली कविता.

    उत्तर देंहटाएं
  4. चूल्हे की रोटियों की बात ही निराली है --बहुत बढियां !

    उत्तर देंहटाएं
  5. इन दरिन्दों से सदा दामन बचाना चाहिए।
    अब न नंगे जिस्म को ज्यादा नचाना चाहिए।

    सार्थक सन्देश , बधाई.

    http://tobeabigblogger.blogspot.com/2011/05/best-blogger.html

    उत्तर देंहटाएं
  6. आज के माहौल को देखते हुए अच्छी सीख देती सुन्दर रचना .

    उत्तर देंहटाएं
  7. सार्थक सन्देश देती बहुत शानदार रचना..आभार

    उत्तर देंहटाएं
  8. चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी प्रस्तुति मंगलवार 10 - 05 - 2011
    को ली गयी है ..नीचे दिए लिंक पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया ..

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  9. हमेशा की तरह शानदार। आभार।

    उत्तर देंहटाएं
  10. मौजूदा दौर में ऐसी नसीहतें बहुत ज़रूरी हैं ...
    आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत कुछ सेंक दिया शास्‍त्री जी।

    उत्तर देंहटाएं
  12. marmik samvedanshil srijan ,prabalata
    pradan karta hridaygrahi silp .
    shukriya sir .

    उत्तर देंहटाएं
  13. इश्क की आँधी में उड़ जाना न अच्छी बात है,
    सिर्फ शीतल पवन को घर में बसाना चाहिए।
    waah

    उत्तर देंहटाएं
  14. इश्क की आँधी में उड़ जाना न अच्छी बात है,
    सिर्फ शीतल पवन को घर में बसाना चाहिए ...

    बहुत खूब .. क्या बातें कह दी हैं शेरों के माध्यम से ... लाजवाब ...

    उत्तर देंहटाएं
  15. इन दरिन्दों से सदा दामन बचाना चाहिए।
    अब न नंगे जिस्म को ज्यादा नचाना चाहिए।
    दिल छूती पंक्तियाँ. बहुत प्यारी कविता है। धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत ही बढिया प्रस्तुति।

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  17. three days se out of station thi.post padhne aur comment dene me late ho gai.maafi chahti hoon.adbhut bahut rochak shikshaprad kavita likhi hai aapne.badhaai.

    उत्तर देंहटाएं

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