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शनिवार, 28 मई 2011

"ग़ज़ल-...बातें करें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


 
खिलखिलाते चमन में, परिवार की बातें करें।
प्यार का मौसम है, आओ प्यार की बातें करें।।

नेह की लेकर मथानी, हृदय का मन्थन करें,
छोड़ कर छल-छद्म, कुछ उपकार की बातें करें।

आस के अंकुर उगाओ, दीप खुशियों के जलें,
प्रीत का संसार है, संसार की बातें करें।

भावनाओं के नगर में, छेड़ दो वीणा के मधुर,
घर सजायें स्वर्ग सा, मनुहार की बातें करें।

निर्धनों को बाँटकर तालीम कहलाओ धनी,
क्यों सबल को भेंट दे, उपहार की बातें करें।

कदम आगे को बढ़ाओ, सामने मंजिल खड़ी,
जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।

रूप सूरज ने निखारा, ताप धरती का बढ़ा,
पेड़ छाया के लगा, शृंगार की बातें करें।।

23 टिप्‍पणियां:

  1. आशा का संदेश और प्रैक्टिकल उपदेश ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. “रूप” सूरज ने निखारा, ताप धरती का बढ़ा,
    पेड़ छाया के लगा, शृंगार की बातें करें।।

    आपकी श्रृंगार की बातें बहुत अच्छी लगीं शास्त्री जी.

    उत्तर देंहटाएं
  3. बस कुछ न कुछ बातें होती रहें।

    उत्तर देंहटाएं
  4. निर्धनों को बाँटकर तालीम कहलाओ धनी,
    क्यों सबल को भेंट दे, उपहार की बातें करें।


    शास्त्री जी,

    आपकी इन पंक्तियों में जो छिपा है , बस आज उसकी ही जरूरत है. वो हम उनको दें जिसकी उन्हें वाकई जरूरत है. धन खर्च हो जाएगी विद्या दी तो वे धन कमाने काबिल बनजायेंगे.

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत ही सुन्दर सन्देश देता खूबसूरत गीत.

    उत्तर देंहटाएं
  6. नेह की लेकर मथानी, हृदय का मन्थन करें,
    छोड़ कर छल-छद्म, कुछ उपकार की बातें करें।

    निर्धनों को बाँटकर तालीम कहलाओ धनी,
    क्यों सबल को भेंट दे, उपहार की बातें करें

    शानदार प्रस्तुति……………सुन्दर संदेश देती है।

    उत्तर देंहटाएं
  7. कदम आगे को बढ़ाओ, सामने मंजिल खड़ी,
    जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।

    बेहद सटीक...

    उत्तर देंहटाएं
  8. आस के अंकुर उगाओ, दीप खुशियों के जलें,
    प्रीत का संसार है, संसार की बातें करें

    बहुत सुंदर

    उत्तर देंहटाएं
  9. निर्धनों को बाँटकर तालीम कहलाओ धनी,
    क्यों सबल को भेंट दे, उपहार की बातें करें।
    बहुत खूबसूरत ग़ज़ल जिसमें दिमाग को सुकून मिलती है।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुंदर चित्र... फ़ुल ही फ़ुल ओर सुंदर रचना, धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  11. कदम आगे को बढ़ाओ, सामने मंजिल खड़ी,
    जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।

    बहुत अच्छी रचना।

    दिल दे दुआ निकलती है आपके लिए डा0 साहब

    उत्तर देंहटाएं
  12. अच्छा सन्देश लिए ग़ज़ल ...बहुत सुंदर

    उत्तर देंहटाएं
  13. निर्धनों को बाँटकर तालीम कहलाओ धनी,
    क्यों सबल को भेंट दे, उपहार की बातें करें।

    कदम आगे को बढ़ाओ, सामने मंजिल खड़ी,
    जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।

    बहुत सुन्दर सन्देश देती गज़ल ...

    उत्तर देंहटाएं
  14. कदम आगे को बढ़ाओ, सामने मंजिल खड़ी,
    जीत के माहौल में, क्यों हार की बातें करें।
    सुंदर संदेश ,बहुत अच्छी .... धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  15. सार्थक सन्देश ...
    सुन्दर गीत !

    उत्तर देंहटाएं
  16. प्रेरक/शिक्षाप्रद शेर.वाह.

    उत्तर देंहटाएं
  17. निर्धनों को बाँटकर तालीम कहलाओ धनी,
    क्यों सबल को भेंट दे, उपहार की बातें करें।
    sarthak sandesh deti hui bahut sunder rachna .

    उत्तर देंहटाएं
  18. निर्धनों को बाँटकर तालीम कहलाओ धनी,
    क्यों सबल को भेंट दे, उपहार की बातें करें.bahut hi achchi panktiyan.bahut sunder prastuti.badhaai aapko.

    उत्तर देंहटाएं

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