भीम राव अम्बेदकर, नमन तुम्हें शत् बार।। -- पढ़ने-लिखने का सदा, मन में रहा जुनून। भारत को तुमने दिया, उपयोगी कानून।। -- निर्धनता को देखकर, कभी न मानी हार। जीवनभर करते रहे, दलितों का उद्धार।। -- करते माया के लिए, राजनीति का काम। तुमको करते कापुरुष, दुनिया में बदनाम।। -- न्यायालय में न्याय हो, सबके लिए समान। भेद-भाव जिसमें नहीं, ऐसा रचा विधान।। -- भीमराव के नाम से, खुद का किया विकास। जातिवाद में बँट गये, वाल्मीकि-रैदास।। -- |
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बुधवार, 13 अप्रैल 2022
दोहे "भीम राव अम्बेदकर, नमन तुम्हें शत् बार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')
मंगलवार, 13 अप्रैल 2021
दोहे "भीम राव अम्बेदकर, नमन तुम्हें शत् बार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')
भीम राव अम्बेदकर, नमन तुम्हें शत् बार।। -- पढ़ने-लिखने का सदा, मन में रहा जुनून। भारत को तुमने दिया, उपयोगी कानून।। -- निर्धनता को देखकर, कभी न मानी हार। जीवनभर करते रहे, दलितों का उद्धार।। -- करते माया के लिए, राजनीति का काम। तुमको करते कापुरुष, दुनिया में बदनाम।। -- न्यायालय में न्याय हो, सबके लिए समान। भेद-भाव जिसमें नहीं, ऐसा रचा विधान।। -- |
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