आयोग है
राजनीति का शिकार
कहने पर प्रतिबन्ध
सुनने पर प्रतिबन्ध
खाने पर प्रतिबन्ध
पीने पर प्रतिबन्ध
जाने पर प्रतिबऩ्ध
जीने पर प्रतिबऩ्ध
मँहगाई की मार
रिश्वत का बाजार
निर्धन की हार
दहेज की भरमार
नौकरशाही का रौब
पुलिस का खौफ
दलित की पुकार
बेरहम संसार
कानून का द्वार
बन्दी हैं अधिकार
सोई है सरकार
जागे हैं मक्कार
नालों का संगम
गंगा है बेदम
बढ़ता प्रदूषण
नारि का शोषण
शिक्षा का जनाजा
भिक्षा का खजाना
बस्ता है भारी
ढोना लाचारी
मानवाधिकार
कोई नही सुनता पुकार