| मित्रों! कल की ही बात है हास्य-व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर मेरे कविमित्र गेंदालाल शर्मा निर्जन के ज्येष्ठ पुत्र दिग्विजय भारद्वाज का स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया। भले ही लोगों को कुछ देर से सूचना मिली हो मगर सम्वेदनहीनता तो देखिए कि एक भी भलामानस उनके इस दारुणदुःख में शामिल नहीं हुआ।शाम के 5 बजे थे। मैं अपने एक शायर मित्र गुरूसहाय भटनागर को साथ लेकर उनके निवास पर गया तो मैंने देखा कि गेंदालाल शर्मा की पत्नी अकेली ही अपने पुत्र की मृतदेह के पास बैठी हुई विलाप कर रही थी। बाहर शर्मा जी के छोटे भाई सुरेन्द्र शर्मा मधुर खड़े थे। गेंदालाल जी तो बदहवाश और किंकर्तव्यविमूढ़ थे। हो भी क्यों नहीं, जिसके 28 वर्षीय पुत्र का उनके सामने ही निधन हो गया हो, उसकी मनःस्थिति का अन्दाज़ा तो एक पिता ही लगा सकता है। इससे भी बदतर स्थिति तो उस समय सामने आयी जब शमशान में स्थित बाबा ने शव की अन्येष्टि के लिए जबरन 1100रुपये वसूल करके ही अन्तिम संस्कार करने दिया। मैं गेन्दालाल शर्मा जी के पुत्र को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि समर्पित करता हूँ। परमपिता परमात्मा दुखित परिवार को इस वज्र दुःख को सहन करने की शक्ति दें। |
| "उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा। मित्रों! आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है। कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...! और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं। बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए। |
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रविवार, 6 जनवरी 2013
“दम तोड़ती मानवता” (विनम्र श्रद्धांजलि)
रविवार, 16 जनवरी 2011
"नहीं मौत पर कोई बस है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
योगी-भोगी, ज्ञानी-ध्यानी।
जीवन तो है कठिन पहेली।
गुरुवार, 11 नवंबर 2010
"मौलाना अबुल कलाम आजाद" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
स्व. मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्मदिन।
यानि 11नवम्बर 1883 को उनका जन्म हुआ था।

बुधवार, 9 दिसंबर 2009
"कवि त्रिलोचन को भाव-भीनी श्रद्धाञ्जलि" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
तब मैं हारा थका नहीं था, लेकिन मेरा
गुरुवार, 19 नवंबर 2009
"जन्म-दिवस पर शत्-शत् नमन!" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
दुर्गा की अवतार
शनिवार, 31 अक्टूबर 2009
"इन्दिरा! भूलेंगे कैसे तेरो नाम!" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")
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गेंदालाल शर्मा निर्जन के ज्येष्ठ पुत्र दिग्विजय भारद्वाज का स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया। भले ही लोगों को कुछ देर से सूचना मिली हो मगर सम्वेदनहीनता तो देखिए कि एक भी भलामानस उनके इस दारुणदुःख में शामिल नहीं हुआ।


