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सीख लो यह सीख वेद-कुरान से,
वाहेगुरू का भी यही उपदेश है, बाईबिल में प्यार का सन्देश है, दे रहा है अमन का पैगाम भारत! हो नहीं सकता हमारा देश आरत!! -- |
चार दिन की जिन्दगी, बाकी अंधेरी रात है,
किसलिए फिर दुश्मनी की बात है,
शूल की गोदी में पलते फूल हैं,
बैर के अंकुर उगाना पेट में निर्मूल हैं,
दे रहा है अमन का पैगाम भारत!
हो नहीं सकता हमारा देश आरत!!
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खुद जिएँ, औरों को जीना हम सिखाएँ,
इस धरा को स्वर्ग जैसा हम सजाएँ,
जिन्दगी और मौत का मालिक खुदा ,
कर रहा क्यों खुद को अपनों से जुदा,
दे रहा है अमन का पैगाम भारत!
हो नहीं सकता हमारा देश आरत!!
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