इस पावन त्यौहार के, अजब-ग़ज़ब हैं ढंग।१। -- जली होलिका आग में, बचा भक्त प्रहलाद। चमत्कार को देखकर, उमड़ा है आल्हाद।२। -- दहीबड़े-पापड़ सजे, गुझिया का मिष्ठान। रंग-गुलाल लगा सभी, गाते होली गान।३। -- मिला हुआ है भाँग में, अदरख-तुलसीपत्र। बौराये से लोग हैं, यत्र-तत्र-सर्वत्र।४। -- कुर्ता होली खेलता, अंगिया के सँग आज। रँगा प्यार के रंग में, अपना देश-समाज।५। -- रंग-बिरंगे हो रहे, गोरे-श्यामल गाल। हँसी-ठिठोली कर रहे, राधा सँग गोपाल।६। -- देख खेत में धान्य को, हर्षित भारतवंश। होली में अर्पित किया, होलक का कुछ अंश।७। -- स्वागत में नववर्ष के, खुलकर खिला पलाश। नवसम्वत्सर लायेगा, जीवन में उल्लास।८। -- होली अब होली हुई, छोड़ गयी सन्देश। भस्म बुराई को करो, निर्मल हो परिवेश।९। -- |
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कुर्ता होली खेलता अंगिया के संग आज -फाग इससे सुंदर और सजीव क्या वर्णन हो सकता है -गढउ फाग शास्त्रिं सब्दन में ,आंचलिक रंग छटा से संसिक्त रचना है अपने परम आदरणीय शास्त्री जी की जो नेहा के रंग सबको लगाते रहतें हैं साल भार शेष बचे चिठ्ठाकारों को :
जवाब देंहटाएंचर्चा में हैं आज तो, होली के ही रंग।
इस पावन त्यौहार के, अजब-ग़ज़ब हैं ढंग।१।
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जली होलिका आग में, बचा भक्त प्रहलाद।
चमत्कार को देखकर, उमड़ा है आल्हाद।२।
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दहीबड़े-पापड़ सजे, गुझिया का मिष्ठान।
रंग-गुलाल लगा सभी, गाते होली गान।३।
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मिला हुआ है भाँग में, अदरख-तुलसीपत्र।
बौराये से लोग हैं, यत्र-तत्र-सर्वत्र।४।
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कुर्ता होली खेलता, अंगिया के सँग आज।
रँगा प्यार के रंग में, अपना देश-समाज।५।
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रंग-बिरंगे हो रहे, गोरे-श्यामल गाल।
हँसी-ठिठोली कर रहे, राधा सँग गोपाल।६।
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देख खेत में धान्य को, हर्षित भारतवंश।
होली में अर्पित किया, होलक का कुछ अंश।७।
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स्वागत में नववर्ष के, खुलकर खिला पलाश।
नवसम्वत्सर लायेगा, जीवन में उल्लास।८।
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होली अब होली हुई, छोड़ गयी सन्देश।
भस्म बुराई को करो, निर्मल हो परिवेश।९।
कुर्ता होली खेलता, अंगिया के सँग आज।
जवाब देंहटाएंरँगा प्यार के रंग में, अपना देश-समाज।।
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रंग-बिरंगे हो रहे, गोरे-श्यामल गाल।
हँसी-ठिठोली कर रहे, राधा सँग गोपाल।।
सारे दोहे कमाल के हैं।
आपके सृजन को नमन 🙏
होली पर्व पर वंदन...
अभिनंदन ...
रंग गुलाल का टीका-चंदन...
होली की ढेर सारी रंगबिरंगी शुभकामनाएं !!!
आदर सहित,
डॉ. वर्षा सिंह
आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएँ🙏
जवाब देंहटाएंहोली की हार्दिक शुभकामनाएं, सपरिवार स्वीकारें
जवाब देंहटाएंचर्चा में हैं आज तो, होली के ही रंग।
जवाब देंहटाएंइस पावन त्यौहार के, अजब-ग़ज़ब हैं ढंग।
बहुत ही सुंदर प्रस्तुति आदरणीय शास्त्री जी आपको होली की हार्दिक शुभकामनाएं परिवार सहित
बहुत सुंदर रचना। होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर और रंग भरे, रस भरे दोहे !
जवाब देंहटाएंहोली के रंग में रंगे दोहे.....
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