"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

यह ब्लॉग खोजें

समर्थक

गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

"नियति" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


धूप के संसार में,

लोग मोम जैसे हो गये हैं।

हर चेहरा,

सुबह को कुछ और है,

जाना पहचाना सा लगता है,

परन्तु शाम होने तक,

पिघल जाता है,

अपना रूप, आकृति

सब कुछ बदल लेता है,

यही इस दुनिया की नियति है।



9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही हकीकत बयान करदी आपने इस रचना के माध्यम से.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  2. isi ka naam duniya hai
    jo pal pal mein badalti hai
    chehre pe chehre rakhti hai
    tabhi to niyati na badalti hai

    जवाब देंहटाएं
  3. सचमुच जमाने की हकीकत ब्यां करती रचना...आभार

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत सही कहा आपने.. इस रंग बदलती दुनिया में इन्सान की नीयत ठीक नहीं..

    जवाब देंहटाएं
  5. thodese shabdon mein insaani rang ka sach bayan hua hai,bahut hi shandarrachana

    जवाब देंहटाएं
  6. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  7. वर्तमान में इंसान की हकीक़त ही यही है,
    समझ नहीं आता कौन गलत है कौन sahi hai!

    [Sir jee koshish kar rahi hun aap ke style mein tippani kar ne ki]

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails