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मोदी जी के शीश पर, किया
सुशोभित ताज।।
-२-
दे प्रचण्ड बहुमत
तुम्हें, सौंप दिया है राज।
भारतमाता की तुम्हें,
रखनी होगी लाज।।
-३-
निष्कण्टक होकर करो, सबके
हित में काज।
आशाओं से देखता,
तुमको आज समाज।।
-४-
मँहगाई की मार से, अपना
भारत ग्रस्त।
कृषक और मजदूर के,
हुए हौसले पस्त।।
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पाना होगा आपको,
मँहगाई से पार।
करना होगा तन्त्र
में, अब तो बहुत सुधार।।
-५-
भरा विदेशी बैंक में,
अपना द्रव्य अपार।
सबसे पहले लाइए, उसको
अपने द्वार।।
-६-
रिश्वतखोरी बन्द हो, मिटे
भ्रष्ट आचार।
दागी को सरकार में,
मत देना अधिकार।।
-७-
कम्पनियों पर तेल की,
कसो कठोर लगाम।
ईंधन को सस्ता करो,
घटा तेल के दाम।।
-८-
जनमानस ने प्यार से, बाँधी
तुम पर आस।
मोदी तुम मत तोड़ना, जनता
का विश्वास।।
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सुंदर प्रस्तुति...
जवाब देंहटाएंआप ने लिखा...
मैंने भी पढ़ा...
हम चाहते हैं कि इसे सभी पड़ें...
इस लिये आप की ये रचना...
19/05/2013 को http://www.nayi-purani-halchal.blogspot.com
पर लिंक गयी है...
आप भी इस हलचल में अवश्य शामिल होना...
जनमानस ने प्यार से, बाँधी तुम पर आस।
जवाब देंहटाएंमोदी तुम मत तोड़ना, जनता का विश्वास।।
सच आसभरी एक नयी सुबह हुयी है
बहुत सुन्दर
शुभकामनायें
अति सुन्दर...खूबसूरत...
जवाब देंहटाएंबढ़िया है :)
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर .....
जवाब देंहटाएंआशाओं से देखता तुमको आज समाज। बिल्कुल सही।
जवाब देंहटाएंमोदी जी को इन आशाओं पर खरा उतरना होगा।