हमको
प्राणों ,से
प्यारा, हमारा
वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
गंगा-जमुना
निरन्तर, यहाँ
बह रही,
वादियों
की हवाएँ, कथा
कह रही,
राम
और श्याम का है, दुलारा
वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
बुद्ध-गांधी
अहिंसा के आधर थे,
सत्य
नौका के मजबूत पतवार थे,
जान
वीरों ने देकर, सँवारा वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
शैल-शिखरों
पे, संजीवनी की छटा,
सर्दी-गर्मी
कभी है, कभी
घन-घटा,
कितनी
सुन्दर धरा, कितना
प्यारा गगन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
पेड़-पौधों
का, निखरा हुआ रूप है,
घास
है मखमली, गुनगुनी
धूप है,
साधु-सन्तों
ने तपकर, निखारा वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
सबको
पूजा-इबादत का, अधिकार है,
सर्व
धर्मों का सम्भाव-सत्कार है,
दीन-दुखियों
को देता, सहारा
वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
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हमको
प्राणों ,से
प्यारा, हमारा
वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
गंगा-जमुना
निरन्तर, यहाँ
बह रही,
वादियों
की हवाएँ, कथा
कह रही,
राम
और श्याम का है, दुलारा
वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
बुद्ध-गांधी
अहिंसा के आधर थे,
सत्य
नौका के मजबूत पतवार थे,
जान
वीरों ने देकर, सँवारा वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
शैल-शिखरों
पे, संजीवनी की छटा,
सर्दी-गर्मी
कभी है, कभी
घन-घटा,
कितनी
सुन्दर धरा, कितना
प्यारा गगन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
पेड़-पौधों
का, निखरा हुआ रूप है,
घास
है मखमली, गुनगुनी
धूप है,
साधु-सन्तों
ने तपकर, निखारा वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
सबको
पूजा-इबादत का, अधिकार है,
सर्व
धर्मों का सम्भाव-सत्कार है,
दीन-दुखियों
को देता, सहारा
वतन!
सारे
संसार में, सब
से न्यारा वतन!!
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