विघ्नविनाशक आप हो, सभी गणों के ईश। पूजा करते आपकी, सुर-नर और मुनीश।। -- करता है आराधना, मन से सकल समाज। बिना आपके तो नहीं, होता मंगल काज।। -- दीपों के त्यौहार में, होता दिव्य निवेश। घर में लाते हैं सभी, लक्ष्मी और गणेश।। -- पार्वतीनन्दन प्रभो, शिवजी के हो पूत। नहीं आपकी दृष्टि में, कोई वृन्द अछूत।। -- शुक्ल चतुर्थी से शुरू, चतुर्दशी अवसान। दस दिन रहता देश में, श्रद्धा का उन्वान।। -- सॉँझ-सवेरे आरती, उसके बाद प्रसाद। होता है दरबार में, घण्टा-ध्वनि का नाद।। -- गणनायक भगवान की, महिमा बहुत अनन्त। कृपा आपकी हो अगर, जीवन बने बसन्त।। -- मोदक हैं प्रिय आपको, गणनायक भगवान। बनकर वाहन आपका, मूषक हुआ महान।। |
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गुरुवार, 9 सितंबर 2021
गणेश चतुर्थी पर विशेष "गणनायक भगवान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
बुधवार, 16 सितंबर 2015
"गणेश चतुर्थी पर विशेष" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
गणेश वन्दना
गणेशोत्सव पर विशेष
गणेश
चतुर्थी की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
मेरी जीवन
संगिनी
![]()
श्रीमती
अमर भारती के स्वर में!
मेरी लिखी
हुई यह गणेश वन्दना सुनिए
और आप भी
साथ-साथ गाइए!
विघ्न
विनाशक-सिद्धि विनायक।
कृपा करो हे
गणपति नायक!!
सबसे पहले
तुमको ध्याता,
चरणयुगल में
शीश नवाता,
आदि देव
जय-जय गणनायक।
कृपा करो हे
गणपति नायक!!
पार्वती-शिव
के तुम नन्दन,
करते सभी
तुम्हारा वन्दन,
सबको देते
फल शुभदायक!
कृपा करो हे
गणपति नायक!!
लेकर
धूप-दीप और चन्दन,
सारा जग
करता अभिनन्दन,
मैं अबोध
अनुचर अनुगायक!
कृपा करो हे
गणपति नायक!!
मूषक-मोदक
तुमको प्यारे,
विपदाओं को
टारनहारे,
निर्बल के
तुम सदा सहायक!
कृपा करो हे
गणपति नायक!!
|
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