रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ -- बहनों को मत भूलना, याद दिलाता
पर्व। रक्षाबन्धन पर्व पर, भारत को है
गर्व।। -- परम्परा मत समझना, राखी का त्यौहार। रक्षाबन्धन में निहित, होता पावन प्यार।। -- राखी लेकर आ गयी, बहना बाबुल-द्वार। भाई देते खुशी से, बहनों को उपहार।। -- रक्षाबन्धन पर्व का, दिन है सबसे खास। जिनके बहनें हैं नहीं, वो हैं आज उदास।। -- ममता की इस डोर में, उमड़ा रहा है प्यार। भावनाओं से हैं बँधें, सम्बन्धों के तार।। -- अपनी बहनों से कभी, मत होना नाराज। भइया रक्षा-सूत्र की, रखना हरदम लाज।। -- कच्चे धागों में छिपी, ममता है मजबूत। जो भाई के हृदय को, कर देती अभिभूत।। -- जरी-सूत या जूट के, धागे हैं अनमोल। गौरव के इतिहास से, सज्जित है भूगोल।। -- राखी के दिन देश में, उमड़ा प्यार-अपार। रिश्ते-नातों की चहक, देख रहा संसार।। -- निश्छल पावन प्यार का, होता जहाँ निवेश। सबसे न्यारा जगत में, मेरा भारत देश।। -- |
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बुधवार, 30 अगस्त 2023
दोहे "सम्बन्धों के तार" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
शनिवार, 25 अगस्त 2018
गीत "बहना करती है मनुहार" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
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हरियाला सावन ले आया, राखी का त्यौहार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, भाई-बहन का प्यार।।
दूर देश से चलकर बहना, बाबुल के घर आई,
सूनी ना रह जाये भइया, तेरी आज कलाई,
ममता की पावन डोरी ने, बाँध लिया संसार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, भाई-बहन का प्यार।।
गूँथ लाई राखी में बहना, मन के माणिक-मोती,
भइया को मिष्ठान्न खिलाकर, खुश कितनी है होती,
रोली, अक्षत और तिलक में, भरे हुए उद्गार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, भाई-बहन का प्यार।।
बहनें नहीं माँगती भइया, राखी का प्रतिदान,
संकट में अपनी बहनों का, रखना इतना ध्यान,
कभी बहन के लिए नेह का, बन्द न करना द्वार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, भाई-बहन का प्यार।।
एक कोख से जन्म लिया है, इक आँगन में खेले,
साथ-साथ बचपन में हमने, देखे कितने मेले,
जीवन भर भाई की, बहना करती है मनुहार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, भाई-बहन का प्यार।।
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मंगलवार, 16 अगस्त 2016
गीत "राखी का त्यौहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
आया राखी का त्यौहार!!
हरियाला सावन ले आया, ये पावन उपहार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
जितनी ममता होती है, माता की मृदु लोरी में,
उससे भी ज्यादा ममता है, राखी की डोरी में,
भरा हुआ कच्चे धागों में, भाई-बहन का प्यार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
भाई को जा करके बाँधें, प्यारी-प्यारी राखी,
हर बहना की यह ही इच्छा राखी के दिन जागी,
उमड़ा है भगिनी के मन में श्रद्धा-प्रेम अपार!
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
खेल-कूदकर जिस अँगने में, बीता प्यारा बचपन,
कैसे याद भुलाएँ उसकी, जो मोहक था जीवन,
कभी रूठते और कभी करते थे, आपस में मनुहार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
गुज़रे पल की याद दिलाने, आई बहना तेरी,
रक्षा करना मेरे भइया, विपदाओं में मेरी,
दीर्घ आयु हो हर भाई की, ऐसा वर दे दो दातार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!रक्षाबन्धन पर भाई की, सूनी न हो कलाई, पहुँचा देना मेरी राखी, अरे डाकिए भाई, बहुत दुआएँ दूँगी तुझको, तेरा मानूँगी उपकार! अमर रहा है अमर रहेगा, राखी का त्यौहार!! आया राखी का त्यौहार!! |
शनिवार, 9 अगस्त 2014
"रक्षाबन्धन राखी का त्यौहार" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
आया राखी का त्यौहार!!
हरियाला सावन ले आया, ये पावन उपहार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
जितनी ममता होती है, माता की मृदु लोरी में,
उससे भी ज्यादा ममता है, राखी की डोरी में,
भरा हुआ कच्चे धागों में, भाई-बहन का प्यार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
भाई को जा करके बाँधें, प्यारी-प्यारी राखी,
हर बहना की यह ही इच्छा राखी के दिन जागी,
उमड़ा है भगिनी के मन में श्रद्धा-प्रेम अपार!
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
खेल-कूदकर जिस अँगने में, बीता प्यारा बचपन,
कैसे याद भुलाएँ उसकी, जो मोहक था जीवन,
कभी रूठते और कभी करते थे, आपस में मनुहार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!
गुज़रे पल की याद दिलाने, आई बहना तेरी,
रक्षा करना मेरे भइया, विपदाओं में मेरी,
दीर्घ आयु हो हर भाई की, ऐसा वर दे दो दातार।
अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!आज किसी भी भाई की, ना सूनी रहे कलाई, पहुँचा देना मेरी राखी, अरे डाकिए भाई, बहुत दुआएँ दूँगी तुझको, तेरा मानूँगी उपकार! अमर रहा है अमर रहेगा, राखी का त्यौहार!! आया राखी का त्यौहार!! |
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