| खेतों में हरियाली लेकर आया है चौमास! जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!! सन-सन, सन-सन चलती पुरुवा, जिउरा लेत हिलोर, इन्द्रधनुष के रंग देखकर, नाचे मनका मोर, पकवानों की थाली लेकर आया है चौमास! जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!! झूले ने उपवन चहकाया, महका है परिवेश, सावन के गीतों ने गाया, मिलने का सन्देश, चोटी, बिन्दी, लाली लेकर आया है चौमास! जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!! सूरज आँख-मिचौली करता, श्याम घटा के संग, तालाबों में कमल खिले हैं, भरकर नूतन रंग, नभ में बदली काली लेकर आया है चौमास! जीवन में खुशहाली लेकर आया है चौमास!! |
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शास्त्री जी ,
जवाब देंहटाएंआज का तो यह चौमासा गीत मुझे तीज के त्योहार की याद दिला गया ...बहुत सुन्दर रचना ...
सुन्दर गीत ...बधाई हो ...डॉ . साहब
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर रचना शाश्त्री जी ....चौमासे के वो दिन सब सामने आ गये :)
जवाब देंहटाएंआपने इतना सुन्दर गीत लिखा है कि चौमासे के वो सुनहरे दिन आँखों के सामने झलक रहा है!
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर गीत.
जवाब देंहटाएंबहुत खूब सर जी ..............मज़े लीजिये बारिश के !
जवाब देंहटाएंवाह वाह्……………उमगों से भरपूर गीत रच दिया ………………अब तो इसमे भीगने का मन कर रहा है मगर यहाँ तो बारिश है नही अभी।
जवाब देंहटाएंअति सुंदर गीत, धन्यवाद
जवाब देंहटाएं---------------------
जवाब देंहटाएंफागुन की फागुनिया लेकर ... ... . की याद गई!
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सरस, सुंदर, मनभावन।
जवाब देंहटाएंबहुत ही सुंदर गीत.
जवाब देंहटाएंरामराम.
बहुत सुंदर गीत .. चौमासे की बात ही निराली है !!
जवाब देंहटाएंआपकी कविता ने चौमास को और भी मधुर बना दिया।
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छी प्रस्तुति।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर वर्णन..!!
जवाब देंहटाएंझूला का चित्र देख अपने बचपन के सावन के दिनों में झूला झूलने के दिन याद आ गए...
जवाब देंहटाएंसुंदर रचना.
तस्वीरों ने कविता में चौगनी जान डाल दी है |बहुत भावभीनी रचना |बधाई
जवाब देंहटाएंआशा
सुन्दर गीत डाक्टर साहब और उतने ही सुन्दर चित्र. बेहद उम्दा.
जवाब देंहटाएंwaakai jeevan mein khush haali le ke aaya hai!
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