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सोमवार, 29 जून 2015

"आशाओं पर प्यार टिका है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आशा पर संसार टिका है।
आशा पर ही प्यार टिका है।।

आशाएँ ही वृक्ष लगाती,
आशाएँ विश्वास जगाती,
आशा पर परिवार टिका है।
आशा पर ही प्यार टिका है।।

आशाएँ श्रमदान कराती,
पत्थर को भगवान बनाती,
आशा पर उपकार टिका है।
आशा पर ही प्यार टिका है।।

आशा यमुनाआशा गंगा,
आशाओं से चोला चंगा,
आशा पर उद्धार टिका है।
आशा पर ही प्यार टिका है।।

आशाओं में बल ही बल है,
इनसे जीवन में हलचल है.
खान-पान आहार टिका है।
आशा पर ही प्यार टिका है।।

आशाएँ हैंतो सपने है,
सपनों में बसते अपने हैं,
आशा पर व्यवहार टिका है।
आशा पर ही प्यार टिका है।।

आशाओं के रूप बहुत हैं,
शीतल छाया धूप बहुत है,
प्रीतरीतमनुहार टिका है।
आशा पर ही प्यार टिका है।।

आशाएँ जब उठ जायेंगी,
दुनियादारी लुट जायेंगी,
उड़नखटोला द्वार टिका है।
आशाओं पर प्यार टिका है।।

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