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गुरुवार, 29 अगस्त 2019

गीत "अब तो युद्ध जरूरी है" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


दुशमन को अब सबक सिखाना भारत की मजबूरी है
अपने हक के लिए पाक से अब तो युद्ध जरूरी है

दशकों से हमने झेला, आतंकी कुटिल-कुचालो को
पूर्णविराम लगा देंगे अब, उठते हुए सवालो को
मखबूजा कश्मीर बिना आजादी अभी अधूरी है
अपने हक के लिए पाक से अब तो युद्ध जरूरी है

हमें तिरंगा पीओके पर जा करके फहराना है
अपने हिस्से के फिर से अपना भूभाग बनाना है
मुजफ्फऱाबाद से अब तो केवल चार कदम की दूरी है
अपने हक के लिए पाक से अब तो युद्ध जरूरी है

देखेगा होकर भौचक्का जगत शौर्य सैनिक-बल का
आने वाला है अवसर, जब खेल खतम होगा छल का
पूर्ण स्वराज दिलाने की अब तो तैयारी पूरी है
अपने हक के लिए पाक से अब तो युद्ध जरूरी है

आतंकी का मुल्क कई टुकड़ों में अब बँट जायेगा
झेलम का पानी दुनिया में अपना रंग दिखायेगा
अब दिल्ली के शासक से मिलने वाली मंजूरी है
अपने हक के लिए पाक से अब तो युद्ध जरूरी है

1 टिप्पणी:

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