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शुक्रवार, 24 अगस्त 2018

गीत "राखी का पावन त्यौहार" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आया राखी का त्यौहार!!
हरियाला सावन ले आयाये पावन उपहार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

जितनी ममता होती है, माता की मृदु लोरी में,
उससे भी ज्यादा ममता है, राखी की डोरी में,
भरा हुआ कच्चे धागों में, भाई-बहन का प्यार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

भाई को जा करके बाँधें, प्यारी-प्यारी राखी,
हर बहना की यह ही इच्छा राखी के दिन जागी,
उमड़ा है भगिनी के मन में श्रद्धा-प्रेम अपार!
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

खेल-कूदकर जिस अँगने में, बीता प्यारा बचपन,
कैसे याद भुलाएँ उसकी, जो मोहक था जीवन,
कभी रूठते और कभी करते थे, आपस में मनुहार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

गुज़रे पल की याद दिलाने, आई बहना तेरी,
रक्षा करना मेरे भइया, विपदाओं में मेरी,
दीर्घ आयु हो हर भाई की, ऐसा वर दे दो दातार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

आज किसी भी भाई की, ना सूनी रहे कलाई,
पहुँचा देना मेरी राखी, अरे डाकिए भाई,
बहुत दुआएँ दूँगी तुझको, तेरा मानूँगी उपकार!
अमर रहा है अमर रहेगा, राखी का त्यौहार!!
आया राखी का त्यौहार!!

5 टिप्‍पणियां:

  1. I just read you blog, It’s very knowledgeable & helpful.
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    जवाब देंहटाएं
  2. अति उत्तम सर..
    आपकी तो हर रचना लाज़वाब होती हैं.

    जवाब देंहटाएं

  3. जितनी ममता होती है, माता की मृदु लोरी में,
    उससे भी ज्यादा ममता है, राखी की डोरी में,
    भरा हुआ कच्चे धागों में, भाई-बहन का प्यार।
    अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।=
    आदरणीय सर बहुत ही स्नेहमयी रचना है | आत्मा की गहराइयों से उमड़े हैं शब्द | आपको रक्षाबन्धन के त्यौहार की हार्दिक शुभकामनायें |सादर --

    जवाब देंहटाएं

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