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शुक्रवार, 10 सितंबर 2021

संस्मरण "मेरा पुनर्जन्म" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

पुनर्जन्म की प्रक्रिया

(कोरोना से पूर्व मेरा स्वास्थ्य)

मित्रों!

     उस दिन 2021 की 23 अप्रैल थी। मुझे अचानक तीव्र खाँसी और बुखार की शिकायत हो गयी। मैंने इसे बहुत हल्के में लिया और प्रतिदिन की भाँति अपने चिकित्सालय में भी बैठा। मेरे बिल्कुल पड़ोस में एक सर्जन का अस्पताल है। वो जैसे ही 11 बजे अपने घर से हास्पीटल की ओर जाने लगे तो दुआ-सलाम हुई। मैंने उनसे कहा कि मुझे कल से खाँसी और बुखार जैसा लग रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं, आप एजिथ्रोमाइसिन-500 की गोली लीजिए। मैंने उनकी सलाह मानी लेकिन बीमारी बहुत बढ़ गयी। पता लगा कि कोरोना हुआ है। मेरे कारण ही परिवार में सभी को कोरोना हो गया लेकिन वो सब 10-12 दिन में ठीक हो गये।

     कोविड उन दिनों चरम पर था और हास्पीटलों में जगह नहीं थी। खैर प्रयास करने पर स्थानीय स्वास्तिक अस्पताल के कोविड वार्ड में मुझे आई.सी.यू. में भर्ती कर लिया गया। अस्पताल के मालिक डॉ. विपिन अग्रवाल ने बताया कि आप हमारे दादा जी स्व. घनश्याम दास जी के मित्रों में रहे हैं। इसलिए मैंने आपको अस्पताल में भर्ती किया है।

     तीन-चार दिन अस्पताल की आई.सी.यू. में रहने के बाद मेरी हालत में सुधार होने लगा तो मुझे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। 12 दिन में वहाँ मैं कोरोना से मुक्त हो गया और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर आ गया। लेकिन भूख बिल्कुल समाप्त हो गयी थी। ऑक्सीजन के सिलिंडर और दूध के बल पर 2 महीने गुजर गये। उसके बाद ऑक्सीजन का सिलिंडर तो हट गया। लेकिन स्वास्थ्य बहुत गिर गया। मैं बिल्कुल चल नहीं पाता था। किन्तु मेरे सफाई कर्मचारी ने पुत्र से भी बढ़कर मेरी मेरी सब तरह से सेवा की और मैं अब थोड़ा-थोड़ा चलने लगा हूँ। 

(वर्तमान में मेरा स्वास्थ्य)

    यदि आज मैं जीवित हूँ तो अपने ज्येष्ठ पुत्र नितिन के कारण हूँ। जिसने अपनी सेहत की परवाह न करते हुए रात दिन मेरी सेवा की है।

शायद मेरा यह पुनर्जन्म था।

14 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार(११-०९-२०२१) को
    'मेघ के स्पर्धा'(चर्चा अंक-४१८४)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

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  2. ईश्वर की असीम कृपा है,आप स्वस्थ हो जायेंगे
    संस्मरण पढकर एहसास हुआ कि आपका पुनर्जन्म हुआ है, चित्र में भी बहुत परिवर्तन दिखता है

    जवाब देंहटाएं
  3. आदरणीय शास्त्री जी, ईश्वर की कृपा और आपकी जीजीविषा के कारण ही आप स्वास्थ्य हुए है। ईश्वर आपKओ लंबी उम्र दे। सादर नमस्कार।

    जवाब देंहटाएं
  4. शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करें| शुभकामनाएं| कोरोना से बचना पुनर्जन्म ही हुआ| ईश्वर आपको दीर्घायू करे| |

    जवाब देंहटाएं
  5. ईश्वर आपको दीर्घायु प्रदान करें कोरोना से बचाव आपके व आपके परिवार के लिए असीम अनुकम्पा है भगवान की ।

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  6. अभी भी अपने स्वास्थ्य का पूरा-पूरा ख्याल रखेंगे
    दीर्घायु हों

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  7. ईश्वर की कृपा से आप शीघे ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सके हैं, बहुत बधाई! आप शीघ्र ही शत-प्रतिशत रूप से स्वस्थता की अपनी पूर्व अवस्था में आ जाएँ, यही कामना करता हूँ।

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  8. उत्तम स्वास्थ्य के लिए शुभकामनायें शास्त्री जी |

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  9. वाकई आपने कोरोना से जंग जीतकर एक नया जीवन पाया है, सम्भवतः अभी आपको साहित्य रचना का और कार्य करना है. परिवार का साथ और सेवा ही रोग से लड़ने की प्रेरणा देती है. शुभकामनायें !

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  10. ईश्वर से कामना है की आप स्वस्थ है और स्वस्थ रहें । बहुत शुभकामनायें ।

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  11. ईश्वर की ऐसी कृपा हो कि आप शीघ्र स्वस्थ जो जाएं।

    जवाब देंहटाएं
  12. ईश्वर का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे। अच्छे स्वास्थ्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।

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  13. आदरणीय सर आपको मेरा सादर प्रणाम 🙏
    आपका स्वास्थ्य जरूर गिर गया है,परंतु आपकी जीवटता को मेरा नमन है, मेरे घर में भी सब को कोविड हो गया था, कोविड से ठीक होने के बाद भी बहुत परेशानी होती है, अतः अपना विशेष ख्याल रखें । आपको मेरी हार्दिक शुभकामनाएं 🙏💐

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  14. अपनी सेहत का ख्याल रखें सर। इस बीमारी के जाने के बाद भी काफी साइड अफेक्ट्स रह जाते हैं। कुछ वक्त तक मुझे भी रहे थे। खान पान ठीक हो तो असर कम हो जाता है। आशा है आप जल्द ही पूर्णतः स्वस्थ होंगे।

    जवाब देंहटाएं

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