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गुरुवार, 13 दिसंबर 2012
" कहाँ है आचरण?" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

आज के हालात पर सटीक लेखनी
जवाब देंहटाएंआज का सत्य कहती सशक्त रचना।
जवाब देंहटाएंआज के भारत के दुर्दशा पर सटीक रचना
जवाब देंहटाएंआज के हालात पर सशक्त रचना, बधाई।
जवाब देंहटाएंrecent post हमको रखवालो ने लूटा
जवाब देंहटाएंराजनीतिक विद्रूप को रूपायित करती रचना .
सभ्यता यह सब सह न पायेगी
जवाब देंहटाएंसटीक रचना
जवाब देंहटाएंअस्त पूरब में हुआ है क्यों उजाला सीख का,
आज क्यों भाने लगा हमको निवाला भीख का,
सभ्यता का फट गया क्यों आवरण?
देश का दूषित हुआ वातावरण।।
बहुत बढिया।
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