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लिखकर सबको भेजिए, दुनिया में सन्देश।।
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जाकर कभी समूह में, करना मत घुसपैठ।
लिखना-पढ़ना कीजिए, अपने घर में बैठ।।
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अनजाने इस रोग से, घबड़ा रहा समाज।
कोरोना से त्रस्त है, पूरी दुनिया आज।।
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घोर आपदा काल में, धीरज रखना आप।
एकल होकर कीजिए, सारे क्रिया-कलाप।।
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सामजिक परिवेश में, आज आ गई मोच।
अपने-अपनों के लिए, रखना अपनी सोच।।
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सबके हित के हैं लिए, बन्दी का फरमान।
भजन-जागरण से बड़ी, प्यारी होती जान।।
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थोडे दिन के बाद में, बदलेंगे हालात।
कोरोना की देश में, हो जायेगी मात।।
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सामयिक आशावादी रचना
जवाब देंहटाएंसुन्दर संदेश देते लाजवाब दोहे
जवाब देंहटाएंवाह!!!
सार्थक संदेश लिए सुंदर दोहे।
जवाब देंहटाएंसादर नमस्कार,
जवाब देंहटाएंआपकी प्रविष्टि् की चर्चा रविवार ( 02-05-2021) को
"कोरोना से खुद बचो, और बचाओ देश।" (चर्चा अंक- 4054) पर होगी। चर्चा में आप सादर आमंत्रित हैं।
धन्यवाद.
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"मीना भारद्वाज"
बहुत आवश्यक संदेश
जवाब देंहटाएंसामयिक और सीख देते दोहे..
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