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रविवार, 27 दिसंबर 2020

दोहे "सुधरेंगे फिर हाल" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

कुछ घण्टे कुछ दिवस में, बीत जायगा साल।
आने वाले साल में, सुधरेंगे फिर हाल।।
--
आशंकाएँ हैं बहुत, मन में बहुत सवाल।
करते हैं यह कामना, शुभ हो नूतन साल।।
--
होंगे नूतन साल में, फिर अच्छे सम्बन्ध।
जिससे सबका हो भला, करें वही अनुबन्ध।।
--
अपना भारत देश तो, माँगे सबकी खैर।
किसी देश से भी कभी, नहीं चाहता बैर।।
--
चैन-अमन होते सदा, जीवन के पर्याय।
आतंकी आयें नहीं, ऐसे करो उपाय।।
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नये साल में छोड़ दे, हम वो सभी रिवाज।
जिनसे सतत् विकास के, थम जायें सब काज।।
-- 
नये साल में कामना, करता यही मयंक।
सरिताएँ बहती रहें, धरती पर निष्पंक।
--

14 टिप्‍पणियां:

  1. नूतन वर्ष की सुन्दर कामना से ओतप्रोत सुन्दर दोहे..

    जवाब देंहटाएं
  2. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा सोमवार 28 दिसंबर 2020 को 'होंगे नूतन साल में, फिर अच्छे सम्बन्ध' (चर्चा अंक 3929) पर भी होगी।--
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्त्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाए।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

    #रवीन्द्र_सिंह_यादव

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर... नये साल में सब अच्छा अच्छा हो....

    जवाब देंहटाएं
  4. आदरणीय शास्त्री जी,
    सादर अभिवादन 🙏
    "होंगे नूतन साल में, फिर अच्छे सम्बन्ध" सार्थक और बहुआयामी अर्थ लिए हुए है। इस गुज़रते 2020 में हमने, समाज ने, देश और दुनिया ने बहुत कुछ झेला है। इस सदी के शुरुआती दौर में महामारी से हुआ सामना हमारी चेतना को झकझोरने वाला था। उम्मीद है आने वाला वर्ष "अच्छे दिन" ले कर आएगा।
    आप तो वास्तव में दोहा सम्राट हैं, बेहतरीन दोहे हैं आज के भी 💐🙏💐
    हार्दिक शुभकामनाओं सहित,
    सादर,
    - डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  5. आशंकाएँ हैं बहुत, मन में बहुत सवाल।
    करते हैं यह कामना, शुभ हो नूतन साल।।
    --
    होंगे नूतन साल में, फिर अच्छे सम्बन्ध।
    जिससे सबका हो भला, करें वही अनुबन्ध।।

    विगत का आकलन और आगत के प्रति आश्वस्ति जगाते बहुत सुंदर श्रेष्ठ दोहे।
    नववर्ष सभी के लिए मंगलमय हो।
    आपको सादर नमन - डाॅ शरद सिंह

    जवाब देंहटाएं

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