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बहुत ही उम्दा पोस्ट सर बधाई |
जवाब देंहटाएंbahut sundar prastuti
जवाब देंहटाएंsundar prastuti
जवाब देंहटाएंप्रभावी,
जवाब देंहटाएंशुभकामना,
जारी रहें !!
आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज)
उम्दा प्रस्तुति ..
जवाब देंहटाएंवजह मिलनी चाहिए ....झूमने के लिए। प्रायः देखने में यही आता है कि उद्देश्य को मारो गोली ...हर जगह ढोंग ढकोसला .....बहुत ही सुन्दर रचना।
जवाब देंहटाएंप्रभा्वपूर्ण प्रस्तुति..
जवाब देंहटाएंउत्कृष्ट प्रस्तुति सुन्दर रचना***^^^*** सच्चा मौमिन है वही, जो माने फरमान।
जवाब देंहटाएंनेक नियत ईमान को, समझाता कुरआन।।
बहुत सही बात कही है आपने .सार्थक भावनात्मक अभिव्यक्ति @मोहन भागवत जी-अब और बंटवारा नहीं
जवाब देंहटाएंसुन्दर रचना....
जवाब देंहटाएंकाव्यात्मक ताजिया सन्देश शहादत का .कौम के लिए कुर्बानी का .बढ़िया चित्र मय रचना .
जवाब देंहटाएं10
"ये कैसा त्यौहार-खुशी या ग़म" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)
उच्चारण
वाह!
जवाब देंहटाएंबहुत खूब
जवाब देंहटाएंsmm panel
जवाब देंहटाएंsmm panel
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