"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

फ़ॉलोअर

रविवार, 27 सितंबर 2020

वन्दना "रीतियों के रिवाजों से लड़ता रहा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

--
राह सुनसान थीआगे बढ़ता रहा।
वन्दना वीणा-पाणि की पढ़ता रहा।।
--
पीछे मुड़ के कभी मैंने देखा नही,
धन के आगे कभी माथा टेका नही,
शब्द कमजोर थेशेर गढ़ता रहा।
वन्दना वीणा-पाणि की पढ़ता रहा।।
--
भावनाओं में जीता रहा रात-दिन,
वेदनाओं को पीता रहा रात-दिन,
ज़िन्दग़ी की सलीबों पे चढ़ता रहा।
वन्दना वीणा-पाणि की पढ़ता रहा।।
--
मैंने हँसकर लियाआपने जो दिया,
मैंने अमृत समझकरगरल को पिया,
बेसुरी सुर की ढपली को मढ़ता रहा।
वन्दना वीणा-पाणि की पढ़ता रहा।।
--
कुछ ने सनकी कहाकुछ ने पागल कहा,
कुछ ने छागल कहाकुछ ने बादल कहा,
रीतियों के रिवाजों से लड़ता रहा।
वन्दना वीणा-पाणि की पढ़ता रहा।।
--
आपने जो लिखायावही लिख दिया,
शब्द जो भी सुझायावही रख दिया,
मंजु-माला में कंकड़ ही जड़ता रहा।
वन्दना वीणा-पाणि की पढ़ता रहा।।
--

1 टिप्पणी:

  1. भावनाओं में जीता रहा रात-दिन,
    वेदनाओं को पीता रहा रात-दिन,
    ज़िन्दग़ी की सलीबों पे चढ़ता रहा।
    वन्दना वीणा-पाणि की पढ़ता रहा।,,,,,,,,आदरणीय सर बहुत सुंदर एवं भावपूर्ण रचना,

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails