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शनिवार, 3 अप्रैल 2021

हिन्दी व्याकरण "आधा "र्" का प्रयोग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

 “हिन्दी में रेफ लगाने की विधि
            अक्सर देखा जाता है कि अधिकांश व्यक्ति आधा "र" का प्रयोग करने में बहुत त्रुटियाँ करते हैं। उनके लिए व्याकरण के कुछ सरल गुर प्रस्तुत कर रहा हूँ!

         हिन्दी में रेफ  अक्षर के नीचे ” लगाने के  लिए सदैव यह ध्यान रखना चाहिए कि ’ का उच्चारण कहाँ हो रहा है ?

           यदि ’ का उच्चारण अक्षर के बाद हो रहा है तो रेफ की मात्रा सदैव उस अक्षर के नीचे लगेगी जिस के बाद ’ का उच्चारण हो रहा है ।
उदाहरण के लिए - प्रकाशसम्प्रदायनम्रताअभ्रकचन्द्र आदि ।

           हिन्दी में रेफ या अक्षर के ऊपर  "र्" लगाने के  लिए सदैव यह ध्यान रखना चाहिए कि र्’ का उच्चारण कहाँ हो रहा है ?  “र्"   का उच्चारण जिस अक्षर के पूर्व हो रहा है तो रेफ की मात्रा सदैव उस अक्षर के ऊपर लगेगी जिस के पूर्व र्’ का उच्चारण हो रहा है ।
उदाहरण के लिए - आशीर्वादपूर्वपूर्णवर्गकार्यालय आदि ।  
             रेफ लगाने के लिए आपको केवल यह अन्तर समझना है कि जहाँ पूर्ण "र" का उच्चारण हो रहा है वहाँ सदैव उस अक्षर के नीचे रेफ लगाना है जिसके पश्चात  "र"  का उच्चारण हो रहा है ।
जैसे - प्रकाशसम्प्रदायनम्रताअभ्रकआदि में 
 "र" का उच्चारण हो रहा है । 
--  

11 टिप्‍पणियां:

  1. भाषा और उच्चारण बोध को सुधारती हुई सार्थक पोस्ट धन्यवाद अनुनासिक अनुस्वार के प्रयोग पर भी कृपया लेखनी चलाएं ,बिंदी के प्रयोग को लेकर भी हिंदी लिखने वालों में लापरवाही देखने को मिलती है। वर्तनी मात्राओं के ह्रस्व और दीर्घ प्रयोगों को लेकर भी भ्रान्ति है -भाइयो और बहनो होगा सम्बोधन के वक्त न कि भाइयों और बहिनों। दवाइयां होगा न कि दवाईयां ,दवाइयों की दूकान होगा न कि दवाईयों की दुकान।
    कृपया ऐसे और चिठ्ठे देवें जिनसे तमाम चिठ्ठाकार हमारे लाभान्वित होवें।
    वीरू भाई
    kabirakhadabazarmein.blogspot.com
    veerujan.blogspot.com

    जवाब देंहटाएं
  2. भाषा और उच्चारण बोध को सुधारती हुई सार्थक पोस्ट धन्यवाद अनुनासिक अनुस्वार के प्रयोग पर भी कृपया लेखनी चलाएं ,बिंदी के प्रयोग को लेकर भी हिंदी लिखने वालों में लापरवाही देखने को मिलती है। वर्तनी मात्राओं के ह्रस्व और दीर्घ प्रयोगों को लेकर भी भ्रान्ति है -भाइयो और बहनो होगा सम्बोधन के वक्त न कि भाइयों और बहिनों। दवाइयां होगा न कि दवाईयां ,दवाइयों की दूकान होगा न कि दवाईयों की दुकान।
    कृपया ऐसे और चिठ्ठे देवें जिनसे तमाम चिठ्ठाकार हमारे लाभान्वित होवें।
    वीरू भाई
    kabirakhadabazarmein.blogspot.com
    veerujan.blogspot.com
    माननीय आपकी ये पोस्ट ट्विटर एवं फेसबुक पर भी शेयर की गई है विधिपूर्वक नियम पूर्वक ऐसा ही करता आया हूँ। आप साधना रत हैं। लाभान्वित हम भी हो रहें हैं।
    veerujibraj.blogspot.com

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  3. आदरणीय
    सादर नमन.🙏
    आज की पोस्ट बहुत ज्ञानवर्धक है। साहित्य में अभिरुचि रखने वालों के लिए विशेष लाभप्रद है।
    हार्दिक शुभकामनाओं सहित,
    सादर,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  4. अच्छी जानकारी, हालांकि इस पर और विस्तार से समझाने की आवश्यकता है। सादर प्रणाम।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत उपयोगी जानकारी। आदरणीय शास्त्रीजी,ब्लॉग पर टिप्पणी करते वक्त पहले 4 से 6 बार विज्ञापन ही खुलता है। कभी कभी तो टिप्पणी करने में ज्यादा ही परेशानी होती है। कृपया यदि संभव हो सके तो इसे...

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत सही जानकारी देने के लिए आपको नमन ।

    जवाब देंहटाएं
  7. सम्यक व सटीक प्रस्तुति ।
    हिंदी लेखन के मार्गदर्शन में सहभागिता निभाने वाली।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  8. ह‍िंंदी व्याकरण पर बहुत बढ़‍िया जानकारी ...हिन्दी में रेफ अक्षर के नीचे “र” लगाने के लिए
    सदैव यह ध्यान रखना चाहिए कि
    ‘र’ का उच्चारण कहाँ हो रहा है ? हमारे अधूरे ज्ञान में इज़ाफा करने के ल‍िए धन्यवाद शास्त्री जी

    जवाब देंहटाएं

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