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शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

दोहे "पुस्तक दिवस" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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पाठक-पुस्तक में हमें, करना होगा न्याय।
पुस्तक-दिन के सार्थक, होंगे तभी उपाय।।
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होगा जब नियमित नहीं, पुस्तक से सम्वाद।
तब तक पुस्तक का दिवस, नहीं रहेगा याद।।
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जहाँ पुस्तकों से अधिक, बस्ते का हो भार।
होगा बच्चों को भला, कैसे इनसे प्यार।।
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अभिरुचियाँ समझे बिना, रहे पौध को रोप।
नन्हे मन पर शान से, देते कुण्ठा थोप।।
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बालक की रुचियाँ समझ, देते नहीं सुझाव।
बेमतलब की पुस्तकें, भर देती उलझाव।।
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22 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (२४-०४-२०२१) को 'मैंने छुटपन में छिपकर पैसे बोये थे'(चर्चा अंक- ४०४६) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  2. पुस्तकों का महत्व बताते और आज के समाज पर प्रासंगिक टिप्पणी करते दोहे....

    जवाब देंहटाएं
  3. अभिरुचियाँ समझे बिना, रहे पौध को रोप।
    नन्हे मन पर शान से, देते कुण्ठा थोप।।

    जी बिल्कुल...उनकी अभिरूचियों को किनारा कर दिया जाता है।


    जिम्मेदारियों तले जिंदगी, देख रहा किताब
    कुछ पात्र गुजर गयें, गम ले रहा खिताब

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत अच्छी, बहुत उपयोगी, बहुत यथार्थपरक अभिव्यक्ति है यह शास्त्री जी आपकी। इसके एक-एक दोहे का भाव सभी अभिभावकों तथा शिक्षा नीति नियंताओं को आत्मसात् करना चाहिए।

    जवाब देंहटाएं
  5. जहाँ पुस्तकों से अधिक, बस्ते का हो भार।
    होगा बच्चों को भला, कैसे इनसे प्यार।।

    अभी तो बच्चों का बोझ किसी कोने में धूल फांक रहा है


    बहुत अच्छी सार्थक चिंतन

    जवाब देंहटाएं
  6. हर मौके पर आपकी सामायिक प्रस्तुति मनमोहक होती है आदरणीय।
    सुंदर सृजन।

    जवाब देंहटाएं
  7. अभिरुचियाँ समझे बिना, रहे पौध को रोप।
    नन्हे मन पर शान से, देते कुण्ठा थोप।।
    --
    बालक की रुचियाँ समझ, देते नहीं सुझाव।
    बेमतलब की पुस्तकें, भर देती उलझाव।।
    ...बहुत सही कहा आपने शास्त्री जी,सार्थक सृजन ।

    जवाब देंहटाएं
  8. बेमतलब की पुस्तके देती बस उलझाव.....अच्छे दोहे हैं
    सादर नमस्कार

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर दोहे हैं सभी ...
    आपका स्वस्थ अब कैसा है ... लज्दी ही स्वस्थ हो के आयें ...

    जवाब देंहटाएं
  10. आदरणीय शास्त्रीजी, कल कामिनी बहन से पता चला आपकी अस्वस्थता के बारे में। ईश्वर से आपके अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करती हूँ। आप जल्दी ही पूर्ण स्वस्थ हो जाएँ। सादर प्रणाम।

    जवाब देंहटाएं
  11. आपकी लिखी कोई रचना बुधवार , 12 मई 2021 को साझा की गई है ,
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

    संगीता स्वरूप

    जवाब देंहटाएं
  12. कल रथ यात्रा के दिन " पाँच लिंकों का आनंद " ब्लॉग का जन्मदिन है । आपसे अनुरोध है कि इस उत्सव में शामिल हो कृतार्थ करें ।

    आपकी लिखी कोई रचना सोमवार 12 जुलाई 2021 को साझा की गई है ,
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।

    जवाब देंहटाएं

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