"उच्चारण" 1996 से समाचारपत्र पंजीयक, भारत सरकार नई-दिल्ली द्वारा पंजीकृत है। यहाँ प्रकाशित किसी भी सामग्री को ब्लॉग स्वामी की अनुमति के बिना किसी भी रूप में प्रयोग करना© कॉपीराइट एक्ट का उलंघन माना जायेगा।

मित्रों!

आपको जानकर हर्ष होगा कि आप सभी काव्यमनीषियों के लिए छन्दविधा को सीखने और सिखाने के लिए हमने सृजन मंच ऑनलाइन का एक छोटा सा प्रयास किया है।

कृपया इस मंच में योगदान करने के लिएRoopchandrashastri@gmail.com पर मेल भेज कर कृतार्थ करें। रूप में आमन्त्रित कर दिया जायेगा। सादर...!

और हाँ..एक खुशखबरी और है...आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।

फ़ॉलोअर

रविवार, 18 अक्तूबर 2020

गीत "मुकद्दर रूठ जाते हैं" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


--
चमकते कुछ सितारे भी, अचानक टूट जाते हैं। 
समय होता अगर खोटा, मुकद्दर रूठ जाते हैं।।
--
करें हम लाख कोशिश, आबरू अपनी बचाने की, 
मगर खोटी नजर हम पर, गड़ी है इस जमाने की, 
सरे राहों में इज्जत को, लुटेरे लूट जाते हैं। 
समय होता अगर खोटा, मुकद्दर रूठ जाते हैं।।
--
मटर गश्ती जहाँ होती, जबरदस्ती वहीं होती,
हुई मर्दानगी कायर, मदद कोई नहीं होती,
मददगारों की बस्ती में, सहारे छूट जाते हैं।
समय होता अगर खोटा, मुकद्दर रूठ जाते हैं।।
--
दुनिया में हुआ बदनाम, अब जनतन्त्र है अपना,
सदाकत और नेकी का, मिला है धूल में सपना,
नजारे देखकर खूनी, फफोले फूट जाते हैं।
समय होता अगर खोटा, मुकद्दर रूठ जाते हैं।।
--

5 टिप्‍पणियां:

  1. सच है अगर समय खोटा हो तो मुकद्दर रूठ जाता है
    बहुत अच्छी प्रस्तुति

    जवाब देंहटाएं
  2. सादर नमस्कार ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (13-10-2020 ) को "उस देवी की पूजा करें हम"(चर्चा अंक-3860) पर भी होगी,आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    ---
    कामिनी सिन्हा

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर और सटीक प्रस्तुति 👌

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर गीत ,ग़ज़ल नुमा ।
    उम्दा और सार्थक।

    जवाब देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin

Related Posts with Thumbnails