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गुरुवार, 11 मार्च 2021

दोहे "महादेव शिव बन गये, विष का करके पान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


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शिव मन्दिर में ला रहे, भक्त आज उपहार।
दर्शन करने के लिए, लम्बी लगी कतार।१।
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बेर-बेल के पत्र ले, भक्त चले शिवधाम।
गूँज रहा है भुवन में, शिव-शंकर का नाम।२।
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काँवड़ लेकर आ गये, भाई-बहन अनेक।
पावन गंगा नीर से, करने को अभिषेक।३।
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जंगल में खिलने लगा, सेमल और पलाश।
हर-हर, बम-बम नाद से, गूँज रहा आकाश।४।
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गेँहू बौराया हुआ, सरसों करे किलोल।
सुर में सारे बोलते, हर-हर, बम-बम बोल।५।
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शिव जी की त्रयोदशी, देती है सन्देश।
ग्राम-नगर का देश का, साफ करो परिवेश।६।
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देवों ने अमृत पिया, नहीं मिला वो मान।
महादेव शिव बन गये, विष का करके पान।७।
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नर-वानर-सुर मानते, जिनको सदा सुरेश।
विघ्नविनाशक के पिता, जय हो देव महेश।८।
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सच्चे मन से जो करे, शिव-शंकर का ध्यान।
उसको ही मिलता सदा, भोले का वरदान।९।
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शंकरमय होने लगे, नगर और देहात।

पूरी करती कामना, शिवजी की शिवरात।१०।

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शिवतेरस के पर्व में, रखना धैर्य-विवेक।

भक्ति भाव से कीजिए, शिवजी का अभिषेक।११।

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शिव के मन्दिर में चलो, सच्चे मन के साथ।।

मनचाहे वरदान को, देते भोलेनाथ।१२।

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शंकर जी के रँग में, रँगे नगर-देहात।

आयी खुशियाँ बाँटने, शिवजी की शिवरात।१३।


11 टिप्‍पणियां:

  1. सादर नमस्कार,
    आपकी प्रविष्टि् की चर्चा शुक्रवार ( 12-03-2021) को
    "किसी का सत्य था, मैंने संदर्भ में जोड़ दिया" (चर्चा अंक- 4003)
    पर होगी। आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    धन्यवाद.


    "मीना भारद्वाज"

    जवाब देंहटाएं
  2. सच्चे मन से जो करे, शिव-शंकर का ध्यान।
    उसको ही मिलता सदा, भोले का वरदान।९।
    -- सुंदर दोहे ।
    ॐ नमः शिवाय

    जवाब देंहटाएं
  3. महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये सर,सुंदर सृजन सादर नमन आपको

    जवाब देंहटाएं
  4. शिव जी की महिमा का गुणगान करती अनुपम कृति..आपको सादर शुभकामनाएं..

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत ही सुन्दर व दिव्य भावों से ओतप्रोत मुग्ध करती शिव वंदना - - साधुवाद सह।

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत सुंदर पावन सृजन।
    मोहक रचना।

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर शिव महिमा। बेहतरीन दोहे आदरणीय।

    जवाब देंहटाएं
  8. हृदय-विजयिनी शिव-आराधना । अभिनंदन ।

    जवाब देंहटाएं

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