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शुक्रवार, 12 मार्च 2021

शिव वन्दना "हे निराकार-साकार देव" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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हे नीलकंठ हे महादेव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
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तुम विघ्नविनाशक के ताता
जो तुमको मन से है ध्याता
उसका सब संकट मिट जाता
भोले-भण्डारी महादेव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
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कर्ता-धर्ता-हर्ता सुधीर
तुम सुरसेना के महावीर
दुर्गम पर्वतवासी सुबीर
हे निराकार-साकार देव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
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नन्दी तुमको लगता प्यारा
माथे पर शशि को है धारा
धरती पर सुरसरि को तारा
हे कालकूट हे महादेव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
--
त्रिशूल. जटा, डमरूधारी
दुष्टों के हो तुम संहारी
बाघम्बरधारी वनचारी
हे दुष्टदलन, हे महादेव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
जय हो जय, शिव-शंकर की जय!
जो शंकर की पूजा करता
पापकर्म से वो है डरता
भवसागर से वो ही तरता
उस पर करते तुम कृपा देव!
तुम पंचदेव में महादेव!! 
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तुम विघ्नविनाशक के ताता
जो तुमको मन से है ध्याता
उसका सब संकट मिट जाता
भोले-भण्डारी महादेव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
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कर्ता-धर्ता-हर्ता सुधीर
तुम सुरसेना के महावीर
दुर्गम पर्वतवासी सुबीर
हे निराकार-साकार देव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
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नन्दी तुमको लगता प्यारा
माथे पर शशि को है धारा
धरती पर सुरसरि को तारा
हे कालकूट हे महादेव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
--
त्रिशूल. जटा, डमरूधारी
दुष्टों के हो तुम संहारी
बाघम्बरधारी वनचारी
हे दुष्टदलन, हे महादेव!
तुम पंचदेव में महादेव!!
जय हो जय, शिव-शंकर की जय!
जो गिरीश की पूजा करता
वो है पापकर्म से डरता
भवसागर से वो ही तरता
उस पर करते तुम कृपा देव!
तुम पंचदेव में महादेव!! 
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6 टिप्‍पणियां:

  1. ॐ नम: शिवाय .
    बहुत भावपूर्ण गीत . मन बस शिवमय हो गया

    जवाब देंहटाएं
  2. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार(१३-०३-२०२१) को 'क्या भूलूँ - क्या याद करूँ'(चर्चा अंक- ४००४) पर भी होगी।

    आप भी सादर आमंत्रित है।
    --
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  3. ॐ नम: शिवाय
    Mere Blog Par Aapka Swagat Hai.

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत सुंदर भोलेशंकर का गुणगान करती अनुपम रचना..

    जवाब देंहटाएं
  5. सुंदर भगवंत भक्ति में रचा-बसा पावन सृजन।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  6. अद्भुत गीत प्रस्तुति
    सादर नमन

    जवाब देंहटाएं

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