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मंगलवार, 26 जनवरी 2021

गणतन्त्र दिवस "आओ तिरंगा फहरायें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')


गणतन्त्रदिवस की शुभवेला में,
आओ तिरंगा फहरायें।
देशभक्ति के गीत प्रेम से,
आओ मिल-जुलकर गायें।।
गांधी बाबा ने सिखलाई,
हमें पहननी खादी है,
बलिदानों के बदले में,
पाई हमने आजादी है,
मोह छोड़कर परदेशों का,
उन्नत अपना देश बनायें।
देशभक्ति के गीत प्रेम से,
आओ मिल-जुलकर गायें।।

नया साल-छब्बीस जनवरी,
खुशियाँ लेकर आता है,
बासन्ती परिधान पहन कर,
टेसू फूल खिलाता है,
सरसों के बिरुए खेतों में,
झूम-झूमकर लहरायें।
देशभक्ति के गीत प्रेम से,
आओ मिल-जुलकर गायें।।

पेड़ों की शाखाएँ सारी,
नयी-नयी कोपल पायेंगी,
अपने आँगन के अम्बुआ की,
डाली-डाली बौरायेंगी,
मुस्कानों से सुमन सलोने,
धरा-गगन को महकायें।
देशभक्ति के गीत प्रेम से,
आओ मिल-जुलकर गायें।।

7 टिप्‍पणियां:

  1. देशभक्ति से सुसज्जित भाव भरा सुन्दर गीत बचपन की याद दिला गया..गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं सहित जिज्ञासा सिंह..
    आदरणीय शास्त्री जी मेरे "गागर में सागर" ब्लॉग लिंक पर अपनी स्नेहपूर्ण दृष्टि समय मिलने पर जरूर डालिए..सादर जिज्ञासा सिंह..

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत बढ़िया सर।
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  3. आदरणीय शास्त्री जी,
    मोह छोड़कर परदेशों का,
    उन्नत अपना देश बनायें।
    देशभक्ति के गीत प्रेम से,
    आओ मिल-जुलकर गायें।।

    देशभक्ति का संदेश देता यह गीत हृदय को छू गया।
    एक-एक शब्द देशप्रेम की भावना जगाने वाला है।
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं सहित,
    सादर,
    डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  4. देशप्रेम से ओतप्रोत ओजमय सुंदर गीत हृदय विहल कर गया।
    हार्दिक शुभकामनाएं।
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  5. सुन्दर संदेश देता बहुत सुन्दर गीत, बधाई

    जवाब देंहटाएं
  6. बड़ा सुरीला गीत है. प्रीत देश की रीत है.
    जय हिंद.

    जवाब देंहटाएं

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