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शनिवार, 23 अक्तूबर 2021

दोहे "करवाचौथ दिवस बहुत है खास" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

अपने पतियों पर करेंसभी नारियाँ गर्व।
करवाचौथ सुहाग काहोता पावन पर्व।।

सजनी करवाचौथ पररखती है उपवास।
साजन-सजनी के लिएदिवस बहुत ये खास।।

जन्म-जिन्दगीभर रहेसबका अटल सुहाग।
साजन-सजनी में सदाबना रहे अनुराग।।

जरा-जरा सी बात परकभी न हो तकरार।
पति-पत्नी के बीच मेंआये नहीं दरार।।

प्रीति सदा बढ़ती रहेआपस में हो प्यार।
पावन करवाचौथ हैनिष्ठा का त्यौहार।।

वंश-बेल चलती रहेहँसी-खुशी के साथ।
पति-पत्नी का उम्रभररहे सलामत साथ।।

परम्परा बदली बहुतबदल न पाया ढंग।
अब भी पर्वों का चलननहीं हुआ है भंग।।

माता करती कामनासुखी रहे परिवार।
छिने न करवाचौथ काबहुओं से अधिकार।।

4 टिप्‍पणियां:

  1. नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा शनिवार (23 -10-2021 ) को करवाचौथ सुहाग का, होता पावन पर्व (चर्चा अंक4226) पर भी होगी। आप भी सादर आमंत्रित है। रात्रि 12:01 AM के बाद प्रस्तुति ब्लॉग 'चर्चामंच' पर उपलब्ध होगी।

    चर्चामंच पर आपकी रचना का लिंक विस्तारिक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के उद्देश्य से सम्मिलित किया गया है ताकि साहित्य रसिक पाठकों को अनेक विकल्प मिल सकें तथा साहित्य-सृजन के विभिन्न आयामों से वे सूचित हो सकें।

    यदि हमारे द्वारा किए गए इस प्रयास से आपको कोई आपत्ति है तो कृपया संबंधित प्रस्तुति के अंक में अपनी टिप्पणी के ज़रिये या हमारे ब्लॉग पर प्रदर्शित संपर्क फ़ॉर्म के माध्यम से हमें सूचित कीजिएगा ताकि आपकी रचना का लिंक प्रस्तुति से विलोपित किया जा सके।

    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

    #रवीन्द्र_सिंह_यादव

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर,सार्थक दोहे । बहुत शुभकामनाएं आदरणीय सर।

    जवाब देंहटाएं

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