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सोमवार, 30 दिसंबर 2019

दोहे "होंगे नये सुधार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

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उग्रवाद-अलगाव का, किया सही उपचार।
अपने भारत पर किया, मोदी ने उपकार।।
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हारी कट्टरपन्थियाँ, जीत गई सरकार।।
दो हजार उन्नीस में, दिये कई उपहार।।
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साहस करके देश पर, किया बहुत उपकार।
जो दशकों की गल्तियाँ, उनको दिया सुधार।।
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जितनी मिली चुनौतियाँ, किया उन्हें स्वीकार।
सीमाओं को देश की, दिया पुनः आकार।।
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ताल ठोककर कह दिये, दिल के सब उदगार।
सारे जग में हो गयी, भारत की जयकार।।
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लोहा भारतवर्ष का, मान गया संसार।
दुनियाभर में पाक की, हुई करारी हार।।
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सेनाओं के पास में, हैं उन्नत हथियार।
सीमाओं पर फौज को, हैं सारे अधिकार।।
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आने वाले साल में, होंगे नये सुधार।
पापी पाकिस्तान के, टुकड़े होंगे चार।।
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