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गुरुवार, 13 अगस्त 2009

‘‘दुनिया में दहशत फैलाना, फितरत है शैतानों की’’(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


गल्ती करना और पछताना, आदत है इन्सानों की।
गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।

दर्द पराया अपने दिल में, जिस मानव ने पाला है,
उसके जीने का तो बिल्कुल ही अन्दाज निराला है,
शम्मा पर जल कर मर जाना, चाहत है परवानों की।
गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।

मित्र-पड़ोसी के अन्तर में, जब तक पलती दूरी हैं,
तब तक होगी मैत्री भावना की कल्पना अधूरी हैं,
बेदिल वालों की दुनिया में, दुर्गत है अरमानों की।
गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।

खाया नमक देश का लेकिन नमक हलाली भूल गया,
अन्धा होकर दहशतगर्दों के हाथों में झूल गया,
दुनिया में दहशत फैलाना, फितरत है शैतानों की।
गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।

15 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी रचना
    कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामना और ढेरो बधाई

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर लिखा .. जन्‍माष्‍टमी की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं !!

    जवाब देंहटाएं
  3. "दुनिया में दहशत फैलाना, फितरत है शैतानों की।"
    बहुत सुन्दर

    जवाब देंहटाएं
  4. अत्यन्त सुंदर! श्री कृष्ण जनमाष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें!

    जवाब देंहटाएं
  5. "मित्र-पड़ोसी के अन्तर में, जब तक पलती दूरी हैं,
    तब तक होगी मैत्री भावना की कल्पना अधूरी हैं,
    बेदिल वालों की दुनिया में, दुर्गत है अरमानों की।
    गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।"

    अत्यन्त सुंदर! श्री कृष्ण जनमाष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें!

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत ही समसामयिक रचना है आपकी आज के
    हालत को बयां करने वाली ....स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें.
    पूनम

    जवाब देंहटाएं
  7. गल्ती करना और पछताना, आदत है इन्सानों की।
    गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।
    Is begtreen geet ke liye badhai.

    जवाब देंहटाएं
  8. दुनिया में दहशत फैलाना, फितरत है शैतानों की।
    गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।

    Mayank ji.
    aapne bahut bhaav pradhan rachana likhi hai.
    badhai.

    जवाब देंहटाएं
  9. शास्त्री जी।
    खूबसूरत अशआरों के लिए
    मुबारकवाद।

    जवाब देंहटाएं
  10. मयंक भैया।
    गीत में एक-एक शब्द चुन-चुन कर सजाया है।
    बधाई।

    जवाब देंहटाएं
  11. मयंक जी।
    आपने बढ़िया गीत लिखा है।
    बधाई।
    कल 15 अगस्त को शाम 4 बजे से
    स्वतन्त्रता-दिवस पर गोष्ठी रखी है।

    जवाब देंहटाएं
  12. =--..__..-=-._.
    !=--..__..-=-._;
    !=- -..@..-=-._;
    !=--..__..-=-._;
    !
    !
    !
    !
    !
    !
    HAPPY INDEPENDENCE DAY
    ..
    Jai Hind, Jai Bharat.

    जवाब देंहटाएं
  13. खाया नमक देश का लेकिन नमक हलाली भूल गया,
    अन्धा होकर दहशतगर्दों के हाथों में झूल गया,
    दुनिया में दहशत फैलाना, फितरत है शैतानों की।
    गल्ती पर गल्ती करना ही, आदत है हैवानों की।।

    bahut hi sundar bhav lage .badhai!!

    जवाब देंहटाएं

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