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गुरुवार, 27 अगस्त 2009

‘‘उल्लू और गधा’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)


उल्लू
तो
था ही उल्लू



और



गधा,
कल तक था
भार से लदा,

लेकिन
अब दोनों की,
किस्मत निखर गई है
सारे उल्लुओं
और
गधों की
जिन्दगी सँवर गई है
जंगल-राज में,
अब इनकी ही तो सरकार है!
संसद में
उल्लुओं
और
गधो की ही तो भरमार है!!
(चित्र गूगल सर्ज से साभार)

21 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही मज़ेदार रूप से आपने व्यंग्य किया है और तस्वीरों के साथ तो आपने और भी जान डाल दी! क्या बात है! सही में शास्त्री जी आपको मानना पड़ेगा ! उल्लू और गधों की ही तो भरमार है और अब इन्ही की सरकार है ये बात तो सौ फीसदी सही है !

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  2. बहुत अच्छे शाष्त्रीजी, आजकल उल्लू जमीन पर गधे हर शाख पर रहने लगे हैं. जय हो उल्लू और गधों की.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  3. bilkul sahi inhi logan ka raaj hai ji aaj kal,bahut hi badhiya kaha.

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत बढ़िया | उल्लू और गधों की ही तो भरमार है और अब इन्ही की सरकार है ये बात तो सौ फीसदी सही है !

    जवाब देंहटाएं
  5. shakl dekhkar hi dar lag raha hai ullu aur gadhe ki to baad mein kya hoga?
    badhiya vyangya.

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत खूब.. आपकी यह अकविता बहुत कुछ बयां कर गई.. हैपी ब्लॉगिंग.

    जवाब देंहटाएं
  7. शास्त्रीजी,
    गहरा कटाक्ष, तीखा व्यंग्य ! वह भी खुलकर !! इस साहसपूर्ण दुल्लती को सलाम !!!

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत बडिया है आज कल नेताओं की खूब खातिर हो रही है बधाई

    जवाब देंहटाएं
  9. खुद राजनीति से जुडे होने के बावजूद जितना करारा व्यंग्य आप कर लेते हैं ये मामूली बात नही.

    जवाब देंहटाएं
  10. अब इनकी ही तो सरकार है!
    संसद में
    उल्लुओं
    और
    गधो की ही तो भरमार है!!

    KYOKI INKO WAHAA TAK BHEJNE WAALE BHEE SAARE KE SAARE INKE HEE VIRAADAR HAI

    जवाब देंहटाएं
  11. वाह सर ! वाह मजा आ गया वो पंक्तियाँ याद आ गईं " हर शाख पर उल्लू बेठा है अंजाम ए गुलिस्तान क्या होगा" बहुत अच्छा व्यंग है.

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  12. ji haan aapne sahi kaha hai
    laikin in gadhe or ullu ki jhund mai kuch sidhi sadhi gai or mehnati bail bhi hai jo inke sath badnaam ho jaate hai

    जवाब देंहटाएं
  13. बहुत ही अच्चा कटाक्ष है ये ....और बहुत ही साधारण शब्दों मैं .....अच्छा लगा

    जवाब देंहटाएं
  14. गलत बात है शास्त्री जी, उल्लूओं और गधों का इतना भयंक अपमान!!!
    आप माफी मांगिये वरना हम भूख हड़ताल पर जाने वाले हैं।

    जवाब देंहटाएं
  15. वाह क्या बात कही आपने.
    सरकार बनायी तो किसकी

    जवाब देंहटाएं

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